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Monday, 15th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में
व्यापारियों के नाम और प्रतिष्ठित फर्मों का दुरुपयोग कर ठगी करने का एक सनसनीखेज
मामला सामने आया है। जालसाजों ने गोरखपुर की एक प्रतिष्ठित फर्म का नाम इस्तेमाल
कर बिहार के एक उद्योगपति से करीब 9.66 लाख रुपये का
दो ट्रक चूड़ा मंगवाया। माल पाने के
बाद भुगतान किए बिना फरार हो गए। इस घटना से व्यापारिक जगत में चिंता और आक्रोश का
माहौल है।
जानकारी के अनुसार बिहार के
पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले विनोद प्रसाद जायसवाल की फर्म "जय महावीर
ट्रेडर्स" चूड़ा निर्माण और व्यापार का कार्य करती है। पीड़ित व्यापारी का
आरोप है कि 6 मई को मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को गोरखपुर स्थित "माँ तारा ट्रेडर्स" का मालिक ओम प्रकाश बताया और 3350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चूड़ा खरीदने की बात कही।
उसने 10 दिन के भीतर भुगतान करने का
भरोसा भी दिया।
आरोपी की बातों पर विश्वास
कर विनोद जायसवाल ने 9 मई को पहली खेप
गाड़ी नंबर UP53FT0490 से गोरखपुर भेज
दी। ड्राइवर के अनुसार 10 मई को नौसड़
स्थित विजेता होटल के पास एक गोदाम में मजदूर बुलाकर पूरा माल उतरवा लिया गया।
पहली खेप का भुगतान नहीं
मिलने के बावजूद आरोपी लगातार भरोसा दिलाता रहा कि जल्द भुगतान कर दिया जाएगा। इसी
विश्वास में व्यापारी ने 17 मई को दूसरी
खेप भी रवाना कर दी। गाड़ी संख्या UP53KT7266 को बस्ती के लिए बुक कराया गया था, लेकिन जालसाजों ने उसे खलीलाबाद की नवीन मंडी के पास स्थित
एक गोदाम में खाली करा लिया।
बताया गया कि दूसरी खेप के
दौरान आरोपी ने बिल भी "माँ तारा
ट्रेडर्स, साहबगंज, गोरखपुर" के नाम से बनवाया और उसमें "शिप टू: विशाल चूड़ा मिल, बस्ती" लिखवाकर एक
अन्य प्रतिष्ठित फर्म के नाम का भी दुरुपयोग किया।
ऐसे खुली ठगी की पोल
जब दोनों गाड़ियों के माल
का भुगतान नहीं मिला तो पीड़ित व्यापारी ने कई बार संपर्क किया। आरोपी हर बार
दो-तीन दिन में भुगतान करने का आश्वासन देता रहा। बाद में उसने संदेश भेजकर सोमवार
को भुगतान करने की बात कही, लेकिन इसके बाद
मोबाइल फोन बंद कर दिया।
शक होने पर विनोद जायसवाल
ने गोरखपुर के व्यापारियों से संपर्क किया। जांच में पता चला कि "माँ तारा
ट्रेडर्स" ने न तो कोई माल मंगाया था और न ही ऐसा कोई ऑर्डर दिया था।
वहीं, बिल में उल्लेखित बस्ती की फर्म ने भी किसी प्रकार की
खरीदारी या ऑर्डर देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित व्यापारी को अपने साथ
हुई ठगी का पता चला।
पुलिस से लगाई न्याय की
गुहार
ठगी का शिकार होने के बाद
विनोद जायसवाल गोरखपुर पहुंचे और व्यापारिक संगठनों से मदद मांगी। इसके बाद 29 मई को उन्होंने थाना गीडा में जनसुनवाई के तहत शिकायत दर्ज
कराई।
मामले की जांच नौसड़ चौकी
प्रभारी उपनिरीक्षक अंजय कुमार सिंह को सौंपी गई है। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस
अधीक्षक को भी लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
व्यापारी संगठनों में
नाराजगी
घटना के बाद व्यापारिक
संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गोरखपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के
अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने कहा कि इस प्रकार की घटना न केवल बाहरी व्यापारियों का
विश्वास तोड़ती है, बल्कि गोरखपुर
के व्यापारिक माहौल और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है।
उन्होंने कहा कि व्यापार
जगत विश्वास के आधार पर चलता है और कई बार केवल भरोसे के दम पर करोड़ों रुपये के
लेन-देन हो जाते हैं।
ऐसे में किसी प्रतिष्ठित फर्म के नाम का दुरुपयोग कर की गई ठगी बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।