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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। पूर्वांचल में लंबे समय तक बड़ी स्वास्थ्य
चुनौती रहे जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर
नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों को अब व्यवस्थित रूप से दस्तावेज का रूप दिया
जाएगा। इस दिशा में गोरखपुर AIIMS पहल कर रहा है। इसी क्रम में 27 मार्च को दोपहर 12:30 बजे AIIMS में एक बैठक आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता कमिश्नर अनिल ढींगरा करेंगे, जिसमें इंसेफ्लाइटिस की रोकथाम और नियंत्रण में
सहयोग देने वाले अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
यह बैठक AIIMS के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अनिल कोपरकर के निर्देशन में शुरू किए जा रहे
प्रोजेक्ट ‘पूर्वी उत्तर प्रदेश में जेई और एईएस को नियंत्रित एवं पराजित करने की
यात्रा का अभिलेखीकरण’ के तहत बुलाई गई है। परियोजना का उद्देश्य पिछले
डेढ़ दशक में इन बीमारियों से निपटने के लिए अपनाई गई रणनीतियों, योजनाओं और उनके परिणामों को व्यवस्थित रूप से
दर्ज करना है।
कमिश्नर की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, गोरखपुर मंडल के विभिन्न विभागों के मंडलीय और
जिला स्तरीय अधिकारी बैठक में भाग लेंगे। वहीं, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर के डीएम वर्चुअल माध्यम से
जुड़ेंगे।
बैठक में वर्ष 2010 से 2025 के बीच जेई और एईएस नियंत्रण के लिए चलाए गए
अभियानों,
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, टीकाकरण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता
गतिविधियों और प्रशासनिक प्रयासों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य इन सभी पहलुओं को समग्र दस्तावेज के रूप में तैयार करना है, ताकि भविष्य में इन सफल रणनीतियों और अनुभवों का उपयोग अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक आंकड़ों के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे।