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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। एम्स में एंबुलेंस चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की जालसाजी करने का मामला सामने आया
है। आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने रुपये लिए और एक फर्जी नियुक्ति
पत्र भी दे दिया था। पीड़ित जब नियुक्ति
पत्र और आई कार्ड लेकर एम्स पहुंचा तो वहां पता चला कि फर्जी है। एम्स थाने में
पीड़ित की तहरीर के आधार पर पिता-पुत्र पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले
की जांच कर रही है।
जाल में फंस गया
एंबुलेंस चालक
गायत्री नगर नंबर तीन कूड़ाघाट निवासी विरेंद्र गुप्ता ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह निजी एंबुलेंस चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिचित अविनाश गौड़ और उसके पिता व बिछिया निवासी जगमोहन गौड़ 5 जून 2025 को उनके घर आए। आरोप है कि दोनों ने एम्स गोरखपुर में एंबुलेंस चालक की भर्ती होने की बात कहकर 80 हजार रुपये देने पर पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पीड़ित ने पैसों की व्यवस्था न होने पर आरोपियों ने किस्तों में रकम देने को कहा। इसके बाद 10 जून से 20 जून 2025 के बीच अलग-अलग तिथियों में कुल 80 हजार रुपये उन्हें दे दिए।
रकम लेने के बाद आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड बनाकर लिफाफे में देकर नौकरी पक्की होने की बात कही। जब विरेंद्र गुप्ता कागजात लेकर एम्स गोरखपुर पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए बताया कि एंबुलेंस चालक की कोई भर्ती नहीं हो रही है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने 20 हजार रुपये का चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर फंड के अभाव में बाउंस हो गया।
पीड़ित का आरोप है कि बाद में पैसे मांगने पर आरोपी टालमटोल करने
लगे और 8 नवंबर 2025 को घर जाकर पैसा
मांगने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। एम्स थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर
के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उप निरीक्षक अतुल कुमार तिवारी को जांच
सौंपी गई है।