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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। फर्जी आईएएस
बनकर इटावा के एक युवक ने गोरखपुर में शादी रचाई। नंदानगर इलाके के एक लॉन से धूमधाम
से हुई। शादी में दुल्हन के परिवार ने 15 लाख रुपये दहेज सहित 30 लाख रुपये खर्च किए। बेटी
की विदाई के बाद युवक के फर्जीवाड़े की पोल खुली तब परिवार के लोग इटावा पहुंच गए। वहां एक कमरे के मकान में बेटी मिली, फर्जी आईएसए
बना युवक और उसकी बहन दुल्हन के परिजनों को देखते ही फरार हो गए। बेटी ने पिता को
बताया कि पति ने उसके साथ पूरे रास्ते छेड़छाड़ की। वह सब मिलकर बेचने की भी तैयारी
कर रहे थे।
बेटी को घर
लेकर आने के बाद पिता ने कैंट थाने में इटावा के लुधियात इकदिल मोहल्ले के प्रीतम
निषाद और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस पूरे
मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
कैंट थाना
क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी एक परिवार अपनी पुत्री के लिए रिश्ता तलाश रहा था।
निषाद विवाह ग्रुप के माध्यम से उन्हें इटावा लुधियात मोहल्ला इकदिल के प्रीतम
कुमार निषाद पुत्र शिवपाल सिंह निषाद का बायोडाटा मिला।
संपर्क करने पर
प्रीतम ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए मनिकपुर में तैनाती की बात कही। विश्वास
दिलाने के लिए उसने न्यूज चैलन पर दिए गए कथित इंटरव्यू, ऑफिस और कुछ नेताओं के साथ
अपनी फोटो व वीडियो भी भेजी।
प्रीतम ने कहा
कि वह बिना दहेज के शादी करेगा लेकिन लड़की पंसद आनी चाहिए। परिवार को आईएएस दामाद
मिल रहा था लिहाजा रिश्ता तत्काल पंसद आया, सगाई के बाद विवाह की तारीख
तय हो गई। लेकिन सगाई से तीन दिन पहले उसने शादी में खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये की
मांग कर दी।
मजबूरी में सगाई के दिन परिवार ने 10 लाख रुपये नकद दिए, जबकि शेष 5 लाख रुपये शादी के दिन तिलक में दिए। युवक ने कहा था कि घर-गृहस्थी का सारा सामान बाद में दीजिएगा, क्योंकि हमारी पोस्टिंग बाहर ही रहती है। 11 मार्च 2026 को नंदानगर स्थित दुर्गा मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई, जिसमें पीड़ित ने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए। बारातियों के ठहरने की व्यवस्था मोहद्दीपुर स्थित एक होटल में की गई थी।
पहले भी कर चुका है दो शादियां
पीड़ित ने बताया कि 12 मार्च को बारात विदा होने के बाद शादी में आए व्यक्ति से जानकारी मिली कि युवक आईएएस नहीं है। वह फर्जी आईएएस बनकर शादी कर लिया है। इसके बाद परिजन उसके बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां एक छोटे से कमरे में उनकी बेटी मिली,जबकि आरोपी प्रीतम और उसकी बहन देखते ही मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी दो शादियां फर्जी पहचान के आधार पर कर चुका है।