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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। शनिवार और रविवार की शाम आकाश में दुर्लभ खगोलीय नजारा
दिखाई देगा। इन दो दिनों में शुक्र, शनि और नेपच्यून
ग्रह पश्चिमी क्षितिज के पास एक ही क्षेत्र में नजर आएंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह
ने बताया कि लगातार दो अलग-अलग रातों में इन ग्रहों की युति बनेगी, जिसे भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों से देखा
जा सकेगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रालय के खगोलविद अमर पाल
सिंह ने बताया कि 7 मार्च की शाम शुक्र और नेपच्यून के बीच बेहद
नजदीकी युति बनेगी। दोनों ग्रहों के बीच दूरी करीब 0.07 डिग्री रहेगी, जो खगोलीय दृष्टि से काफी कम मानी जाती है।
इसके अगले दिन 8 मार्च की शाम शुक्र और शनि करीब एक डिग्री की
दूरी पर दिखाई देंगे। आकाश में यह दूरी लगभग एक उंगली की चौड़ाई के बराबर लगेगी।
इस खगोलीय घटना को सूर्यास्त के तुरंत बाद
पश्चिम दिशा में क्षितिज के पास देखा जा सकेगा। सूर्यास्त के करीब 30 से 40 मिनट तक ही यह
दृश्य स्पष्ट रहेगा, क्योंकि इसके बाद ग्रह क्षितिज के नीचे चले
जाएंगे। इसलिए अवलोकन के लिए समय सीमित होगा।
अमर पाल सिंह के अनुसार शुक्र ग्रह सबसे चमकीला
होगा और इसे नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। शनि ग्रह थोड़ा धुंधला दिखाई
देगा, जिसे देखने के लिए बाइनोक्युलर से दृश्य और
स्पष्ट हो सकता है। वहीं नेपच्यून ग्रह बहुत धुंधला होता है, इसलिए इसे देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत
पड़ेगी।
साफ पश्चिमी क्षितिज वाले स्थान से ही दिखेगा नजारा उन्होंने बताया कि ग्रह क्षितिज से करीब 10 से 15 डिग्री की ऊंचाई पर होंगे। इसलिए ऐसा स्थान चुनना जरूरी है जहां पश्चिम दिशा में पेड़ या ऊंची इमारतें बाधा न बनें। यह खगोलीय घटना मीन तारामंडल के क्षेत्र में होगी, जहां तीनों ग्रह एक छोटे से क्षेत्र में दिखाई देंगे।