-
Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर एम्स के रजिस्ट्रार पीएन गांगुली को
स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती के बाद बुधवार को पद से हटा दिया गया है। निर्धारित
तिथि के बाद पीएन गांगुली ने आवेदन किया था, लेकिन एम्स की चयन
समिति ने बिना आपत्ति उनको नियुक्ति दे दी थी। यह तब है जब एम्स की ओर से जारी
सूची में पीएन गांगुली को अयोग्य बताया गया था। इतना ही नहीं, शिकायत के बाद भी एम्स प्रशासन ने रजिस्ट्रार
को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेवल 8 में काम करने वाले
पीएन गांगुली को सीधे लेवल 12 में रखकर 20 महीने तक 10 लाख रुपये से अधिक
तनख्वाह दी गई। गोरखपुर एम्स प्रशासन ने कार्रवाई तब की जब स्वास्थ्य मंत्रालय की
ओर से सीधा जवाब मांगा गया।
छह सितंबर 2023 को एम्स में कई
पदों के साथ ही रजिस्ट्रार व एक्जीक्यूटिव इंजीनियर इलेक्ट्रिकल के पद पर नियुक्ति
के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। रजिस्ट्रार के पद पर पीएन गांगुली और
एक्जीक्यूटिव इंजीनियर इलेक्ट्रिकल के पद पर रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई
थी। दोनों नियुक्तियों को गलत बताते हुए शिकायत की गई थी।
जांच के बाद रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से
हटाते हुए उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया, लेकिन पीएन गांगुली
के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर दोबारा शिकायत हुई। इसके बाद, भारत सरकार के उप सचिव आदित्य कुमार ममगैन ने 26 दिसंबर 2025 को एम्स के
कार्यकारी निदेशक (ईडी) को पत्र लिखकर पीएन गांगुली के खिलाफ कार्रवाई और
रिजूरोहित श्रीवास्तव को नियुक्त करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी
मांगी।