Default left Ad
Default right Ad
gorakhpur, cm yogi, Housing Development 03-Jun-2026 01:53 PM

CM से मिले आवंटी, मिला भरोसा, आवास विकास परिषद सुलझाएगा मामला

रूरल न्यूज नेटवर्क बेतियाहाता में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद से भूखंड व भवन आवंटित कराने वाले आवंटियों को मुख्यमंत्री ने राहत दी है। 3 दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री से आवंटी मिलने पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या बताई। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि उनके भवन पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। उनका वैध तरीके से आवंटन हुआ है, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। आवास विकास परिषद इस मामले का हल निकालेगा।

सीएम से मिलने के बाद आवंटी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनके स्वामित्व पर कोई आंच नहीं आएगी। जिस वादी ने कोर्ट में जमीन के लिए मुआवजा दिया है, उसे आवास विकास परिषद जमीन उपलब्ध कराएगा या मुआवजा देगा। सरकार भी इस कार्य में सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में पूर्व विधायक बृजेश सिंह, डा. राजीव जायसवाल, डा. दुर्गेश गुप्ता, डा. बीआर सिंह, दिलीप मुरारका, मंटू त्रिपाठी, पूजा नथानी, अरविंद पांडेय आदि शामिल रहे।

Image Source Here...

जानिए क्या है मामला

बेतियाहाता निवासी श्याम सुंदर सराफ की लगभग 2 एकड़ 55 डिसमिल जमीन उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 1980 के दशक में ली थी। इसमें से 2 एकड़ जमीन का मुआवजा दिया गया और 55 डिसमिल जमीन ऐसे ही ले ली गई। अतिरिक्त 55 डिसमिल जमीन को भी आवंटित कर दिया गया। इसी में पूर्व विधायक बृजेश सिंह, कुछ डॉक्टर व व्यसायियों के परिवारों ने भी जमीन आवंटित कराई थी। बिना मुआवजा दिए गलत तरीके से जमीन लेने के खिलाफ श्याम सुंदर सराफ स्थानीय कोर्ट चले गए। 1999 में उनके पक्ष में फैसला आ गया। उसके बाद आवास विकास परिषद ने जिला जज एवं हाईकोर्ट में इस मामले में अपील की लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। कुछ महीने पहले श्याम सुंदर सराफ के आवेदन पर स्थानीय कोर्ट ने उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने के लिए जब कोर्ट के अमीन पहुंचे तो 11 आवंटियों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने इस बात का विरोध किया। टीम केवल चिह्नांकन करने के बाद वापस लौट गई। हालांकि टीम अपने साथ बुलडोजर लेकर भी गई थी लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया गया। यह बात सार्वजनिक होने के बाद आवंटी भी एक्टिव हो गए। उन्होंने कोर्ट के रुख की तैयारी भी की है। इसी क्रम में आवंटियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

आसान नहीं होगा मामले का निस्तारण

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है। लेकिन परिषद की ओर से मामले को सुलझा पाना इतना आसान नहीं होगा। श्याम सुंदर सराफ को इस जमीन के मालियत के बराबर जमीन देनी होगी। परिषद के पास इस समय लैंड बैंक न के बराबर है। यदि मुआवजे की बात करें तो वह भी 20 करोड़ से अधिक का होगा। हालांकि एक बात तय है कि इस पूरे मामले में आवंटियों का भी नुकसान होने वाला नहीं है। अब सरकार उन्हें राहत देने के लिए आवास विकास परिषद पर दबाव बनाएगी। सूत्रों की मानें तो आवंटियों के सीएम से मिलने के बाद डीएम ने आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता को तलब किया था।

गड़बड़ी करने वाले कर्मियों की संपत्ति नीलाम हो

इस मामले में बेतियाहाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि वादी श्याम सुंदर सराफ और आवंटियों के साथ आवास विकास परिषद की ओर से अनियमितता की गई है। ऐसा करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिह्नित करना चाहिए। ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम करके वादी को उनका मुआवजा दिया जाना चाहिए।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×