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N/A 08-Dec-2025 10:15 AM

भारत में जीएसटी के जनक अटल बिहारी वाजपेयी

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) सबसे पहले फ्रांस में लागू हुआ था। फ्रांस ने 1954 में दुनिया में पहली बार यह कर प्रणाली लागू की थी। फ्रांस को जीएसटी का जनक माना जाता है क्योंकि यह 1954 में इसे लागू करने वाला दुनिया का पहला देश था। आज दुनिया के लगभग 160 देश किसी किसी रूप में जीएसटी को अपना चुके हैं। भारत में जीएसटी 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी को भारत में जीएसटी के जनक कहा जाता है। 


1-फरहान काजमी, व्यापारी।

फरहान काजमी ने बताया कि विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी की शुरुआत के साथ लंबे समय में उत्पादों और सेवाओं की लागत कम हो जाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि वैट और टैक्स की श्रृंखला का व्यापक प्रभाव अब समाप्त हो गया है। 20 लाख रूपए से कम टर्नओवर वाली सेवा प्रोवाइडर कंपनियों को जीएसटी का भुगतान करने से छूट दी जाती है।


2- सौरभ कसौधन, व्यापारी साहबगंज।

सौरभ कसौधन व्यापारी साहबगंज ने बताया कि जीएसटी देश भर में कर दरों में एकरूपता लाता है। उत्पाद पारदर्शिता बढ़ाता है और एक प्रतिस्पर्धी बाजार को बढ़ावा देता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण का लाभ मिलता है। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) सबसे पहले फ्रांस में लागू हुआ था। फ्रांस ने 1954 में दुनिया में पहली बार यह कर प्रणाली लागू की थी। फ्रांस को जीएसटी का जनक माना जाता है क्योंकि यह 1954 में इसे लागू करने वाला दुनिया का पहला देश था। आज दुनिया के लगभग 160 देश किसी किसी रूप में जीएसटी को अपना चुके हैं।भारत में जीएसटी 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी को भारत में जीएसटी के जनक कहा जाता है


 3-दीपक गुप्ता, किराना व्यापारी।

दीपक गुप्ता, किराना व्यापारी ने बताया कि जीएसटी को वस्तु एवं सेवा कर के रूप में जाना जाता है। यह एक अप्रत्यक्ष कर है जिसने भारत में उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर आदि जैसे कई अप्रत्यक्ष करों का स्थान ले लिया है। वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 29 मार्च 2017 को संसद में पारित हुआ और 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ।


4- अंजनी गुप्ता, इंश्योरेंस मैनेजर।

अंजनी गुप्ता, इंश्योरेंस मैनेजर का मानना है कि

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता है। भारत में वस्तु एवं सेवा कर कानून एक व्यापक, बहुचरणीय, गंतव्य आधारित कर है जो प्रत्येक मूल्यवर्धन पर लगाया जाता है। अधिकांश अप्रत्यक्ष करों को समाहित करने के बाद, जीएसटी पूरे देश के लिए एक एकल घरेलू अप्रत्यक्ष कर कानून है।


5- हर्ष मोहन पाण्डेय, बिजनेसमैन।

हर्ष मोहन पाण्डेय, बिजनेसमैन ने जीएसटी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के फायदे और नुकसान दोनों हैं। यह कर संरचना को सरल बनाता है, करों के बढ़ते बोझ को कम करता है और अनुपालन में सुधार करता है, लेकिन यह कुछ क्षेत्रों में अनुपालन लागत में वृद्धि और संभावित मुद्रास्फीति जैसी चुनौतियाँ भी लेकर आता है। जीएसटी, व्यापक करों को समाप्त करके उपभोक्ताओं पर समग्र कर का बोझ कम करता है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें संभावित रूप से कम हो जाती हैं।

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