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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। इंदौर में दूषित पानी पीने से बच्चों की मौत के बाद प्रशासन
सतर्क हुआ। इसके बाद जिले के शहर और ग्रामीण इलाकों में बोतलबंद पानी के नमूने लिए
गए। 9 और 10 जनवरी को 19
वॉटर प्लांटों
से सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। रिपोर्ट आने से पहले ही एहतियातन
नौ इकाइयों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। अब जांच रिपोर्ट में चार कंपनियों
के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
इन कंपनियों के पानी में मिला बैक्टीरिया
-मैसर्स देवकृपा
फूड एंड बेवरेजेज प्रा. लि. (ब्रांड: हाईमैक्स) -मैसर्स जीके फूड्स एंड
बेवरेजेज (ब्रांड: गैलीसिया), मैसर्स अजय नीर उद्योग (ब्रांड: एक्वा नीर), श्री कान्हा
इंडस्ट्रीज (ब्रांड: बाटाडू)
इन ब्रांडों की
पैकेजिंग यूनिट जिले में ही संचालित हो रही थी और इनका पानी शहर की कई दुकानों,
होटलों और
ढाबों पर बेचा जा रहा था।
विभाग ने की कार्रवाई
सहायक आयुक्त
खाद्य विभाग, डॉ. सुधीर
कुमार सिंह ने बताया कि असुरक्षित पाए गए इन प्लांटों के पानी की बिक्री और वितरण
पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। थोक और फुटकर विक्रेताओं को निर्देश दिए गए
हैं कि वे इन ब्रांडों का स्टॉक तुरंत हटाएं।
यदि किसी होटल,
ढाबा, दुकान या
रेस्टोरेंट में इन प्रतिबंधित ब्रांडों का पानी बिकता पाया गया, तो खाद्य
सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी
बहुत खतरनाक है कोलीफार्म
बाल रोग
विशेषज्ञ डॉ. आशीष वर्मा के अनुसार कोलीफार्म बैक्टीरिया दूषित पानी में पाए जाते
हैं और यह पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे पानी के सेवन से उल्टी और दस्त -पेट दर्द -पीलिया
-शरीर में दर्द
और कमजोरी -खूनी दस्त
-किडनी पर असर
-आंखों में
संक्रमण जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों
के लिए यह ज्यादा खतरनाक है।
लोगों से अपील
खाद्य सुरक्षा
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी खरीदते समय ब्रांड की जांच जरूर करें
और संदिग्ध या प्रतिबंधित ब्रांड का उपयोग न करें। यदि किसी दुकान पर ये ब्रांड
बिकते दिखें, तो इसकी सूचना
विभाग को दें।
स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।