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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में विश्व गौरैया दिवस से पहले नगर निगम में एक खास
कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें गौरैया संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया
गया। यह कार्यक्रम नगर निगम सदन हाल में हुआ। जहां
नगर निगम,
हेरिटेज फाउंडेशन, गोरखपुर वन प्रभाग और शहीद अशफाक उल्ला खॉ
प्राणि उद्यान की ओर से ‘घोसला वितरण एवं सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया।
स्कूली बच्चों को
दिया गया घोषला
इसके बाद कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को शामिल
किया गया। गोरखपुर पब्लिक स्कूल समेत विभिन्न स्कूलों से आए 100 बच्चों को गोरैया के घोंसले वितरित किए गए।
बच्चों को कहा गया कि वे इन घोंसलों को रंगकर
अपने घरों में लगाएं और खुद भी ऐसे घोंसले बनाकर दूसरों को प्रेरित करें। साथ ही
गर्मियों में पक्षियों के लिए छत पर दाना और पानी रखने की सलाह दी गई।
मेयर बोले- हमें
अधिक पौधे लगाने की जरूरत
महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि
पहले गोरैया पक्षियों के झुंड आमतौर पर हर घर के आसपास दिखते थे और उनकी मौजूदगी
सुखद यादें छोड़ती थी।
लेकिन अब समय के साथ ये पक्षी धीरे-धीरे गायब
होते जा रहे हैं और दुर्लभ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि गोरैया को बचाना हम सभी की
जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास
हरियाली बढ़ाएं, कीटनाशकों का कम उपयोग करें और पक्षियों के लिए
सुरक्षित घोंसले बनाएं। छोटे-छोटे प्रयासों से हम गोरैया को फिर से अपने घरों में
वापस ला सकते हैं और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रख सकते हैं।
डीएफओ बोले: गौरैया
पर्यावरण के लिए जरूरी
इसके बाद डीएफओ विकास यादव ने बताया कि 2010 से विश्व गौरैया दिवस मनाया जा रहा है और अब यह
50 से अधिक देशों में फैल चुका है। उन्होंने यह भी
बताया कि 2012 में गौरैया को दिल्ली का राज्य पक्षी घोषित किया गया था।
उन्होंने कहा कि गौरैया पर्यावरण के लिए बहुत
जरूरी है,
क्योंकि यह कीटों को नियंत्रित करने, परागण करने और बीज फैलाने में मदद करती है।
कार्यक्रम में नगर निगम और वन विभाग द्वारा किए
जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि शहर में गोरैया को आकर्षित
करने के लिए बोगनवेलिया, मेहंदी, करोंदा, गुड़हल, नीम, आम और अमरूद जैसे
पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही पार्कों, डिवाइडर और अन्य स्थानों पर मियाबॉकी पद्धति से
पौधरोपण किया जा रहा है, ताकि पक्षियों को
सुरक्षित जगह मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में गोरैया संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे मनीष वर्मा को ‘पृथ्वी मित्र’ सम्मान से सम्मानित किया गया। वे पिछले 16 वर्षों से घायल पशु-पक्षियों की सेवा और पौधरोपण का काम कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 2000 से अधिक घोंसले लोगों के बीच बांटे हैं। इस मौके पर उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए।