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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर के पक्कीबाग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में वसंत पंचमी के अवसर पर 'विद्यारंभ संस्कार' समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने शैक्षिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की। छात्रों को 'ॐ' और 'श्री' लिखवाकर उनके शिक्षा सत्र का शुरुआत कराया गया। विद्यालय के छात्राओं की ओर से मां सरस्वती की वंदना और बसंत गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
इससे पहले विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कलश यात्रा निकाली।
साथ ही सुभाष चंद्र बोस की जयंती और वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस मनाया गया। बच्चों
ने मनमोहक प्रस्तुतियों से वसंत ऋतु का स्वागत किया। विद्यारंभ संस्कार हमारी गौरवशाली
संस्कृति का अभिन्न हिस्सा समारोह के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव
रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन
में महापौर जी ने कहा- विद्यारंभ संस्कार हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति का अभिन्न
हिस्सा है। यह बच्चे के बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की नींव रखता है। सरस्वती शिशु
मंदिर जैसे संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में
अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य
डॉ. राजेश सिंह ने अतिथि परिचय दिया। इस शुभ अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, कोषाध्यक्ष
महेश गर्ग, डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी, प्रथम सहायक रुक्मिणी उपाध्याय, शिशु वाटिका
प्रमुख मीनाक्षी राजपूत सहित प्रबंध समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या
में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
विश्वविद्यालय परिसर
में धूमधाम से हुआ सरस्वती पूजन
प्राचीन इतिहास पुरातत्व और संस्कृति विभाग में वाक् देवी का परम्परागत रुप से पूजन अर्चन हुआ। पुरोहित आचार्य अंकित कुमार शुक्ल जो कि विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से ज्योतिष और कर्मकांड से डिप्लोमा किये हुए हैं,ने विधि विधान से पूजन अर्चन कराया। विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रोफेसर दिग्विजय नाथ यजमान के रुप में उपस्थित थे। विश्वविद्यालय की कुलपति माननीया कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन पूजन अर्चन में मुख्य यजमान की भूमिका में विधिवत पूजन अर्चन और हवन सम्पन्न किया। इस अवसर पर विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को कुलपति द्वारा पुरस्कृत किया गया।