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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग
के बच्चों को शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्राइवेट
स्कूलों में फ्री एडमिशन दिलाने के लिए RTE के तहत प्रक्रिया
तेजी से चल रही है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत RTE Act 2009 के प्रावधानों के अनुसार जिले के सभी नॉन-एडेड
और रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूलों में 25% सीटों पर एडमिशन
दिया जा रहा है।
पैरेंट्स से ऑनलाइन एप्लिकेशन लिए जा रहे हैं
और सेलेक्शन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जा रहा है। पहले चरण की ऑनलाइन लॉटरी
प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
अब अगले चरण के लिए तैयारी शुरू हो गई है।
पहले चरण का रिजल्ट
पहले चरण की लॉटरी में कुल 6277 एप्लिकेशन प्राप्त हुए। दस्तावेजों की
स्क्रूटनी के बाद 4241 एप्लिकेशन अप्रूव किए गए, जबकि 2036 एप्लिकेशन रिजेक्ट
कर दिए गए। अप्रूव एप्लिकेशन के आधार पर लॉटरी में 2708 बच्चों को स्कूल
अलॉट किया गया, जबकि सीटें फुल होने के कारण 1533 बच्चों को स्कूल नहीं मिल सका।
तीन फेज में पूरी
होगी एडमिशन प्रक्रिया
एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया तीन फेज में तय
की गई है। पहला फेज पूरा हो चुका है। दूसरे फेज के लिए 21 फरवरी से 7 मार्च तक ऑनलाइन
एप्लिकेशन किए जाएंगे, जबकि तीसरे फेज में 12 मार्च से 25 मार्च तक आवेदन का
मौका मिलेगा। हर फेज के बाद लॉटरी निकालकर सेलेक्टेड बच्चों की लिस्ट जारी की
जाएगी।
इन बच्चों को
मिलेगा फायदा
स्कीम के तहत SC, ST, OBC, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे, दिव्यांग बच्चे, अनाथ बच्चे और
गंभीर बीमारी से प्रभावित पैरेंट्स के बच्चे एप्लाई कर सकते हैं। एलिजिबिलिटी
संबंधित सर्टिफिकेट के आधार पर तय की जाएगी।
योजना के तहत 3 साल से 7 साल तक के बच्चों को प्री-प्राइमरी और क्लास-1 में एडमिशन दिया जाएगा, जिससे छोटे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में
पढ़ने का अवसर मिलेगा।
ऑनलाइन करना होगा
आवेदन
पैरेंट्स को rte25.upsdc.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन एप्लिकेशन करना होगा। एप्लिकेशन के दौरान बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, फोटो, पैरेंट्स का आईडी प्रूफ, इनकम सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट और रेसिडेंस सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा। सभी एप्लिकेशन की जांच के बाद ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए लॉटरी सिस्टम अपनाया जा रहा है। सेलेक्शन लिस्ट में नाम आने के बाद पैरेंट्स को तय समय में संबंधित स्कूल में जाकर एडमिशन प्रोसेस पूरा करना होगा। जिला प्रशासन ने पैरेंट्स से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर आवेदन करें और लास्ट डेट का इंतजार न करें, ताकि पात्र बच्चों को योजना का लाभ मिल सके।