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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क।
दो पीढ़ियों के बीच आपसी रिश्तों
यानी बांडिंग को
मजबूत बनाने के
लिए केंद्रीय माध्यमिक
शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने
बड़ा कदम उठाया
है। घर के साथ ही
अब बाहर भी बच्चों को
उनके दादा-दादी,
नाना-नानी के साथ समय
बिताने का मौका दिया जाएगा।
स्कूलों में होने
वाले फंक्शन में
स्कूली बच्चों के
माता-पिता के साथ उनके
दादा-दादी, नाना-नानी को
भी बुलाया जाएगा।
CBSE ने इसके लिए
सभी संबद्ध विद्यालयों
को पत्र जारी
कर निर्देश दिया
है।
बच्चे आमतौर पर
घर पर अपने ग्रैड पैरेंटस
से मिलते हैं।
स्कूल, होम ट्यूशन
और शिक्षणेत्तर गतिविधियों
में व्यवस्तता के
चलते उनके साथ
समय नहीं बिता
पाते। इस समय दो पीढ़ियों
के बीच लंबा
गैप भी होता जा रहा
है। मोबाइल ने
यह दूरी और बढ़ा दी
है।
कुछ ग्रैंड पैरेंट्स
तो बच्चों को
स्कूल छोड़ने और
लेने जाते हैं
लेकिन अधिकतर मामलों
में ऐसा नहीं
हो पाता। स्कूल
के माहौल में
भी वे अपने ग्रैंड पैरेंट्स
के साथ समय बिताएं, इसके लिए
CBSE ने यह कदम उठाया है।
बढेगा भावनात्मक लगाव
CBSE ने निर्देश दिया है कि स्कूलों
में स्वतंत्रता दिवस,
गणतंत्र दिवस, बाल
दिवस एवं अन्य
यादगार अवसरों पर
होने वाले कार्यक्रमों
में बच्चों के
दादा-दादी, नाना-नानी को
भी बुलाया जाए।
इससे उन्हें भी
खुशी होगी और साथ समय
बिताने से दो पीढ़ियों के बीच भावनात्मक लगाव बढ़ेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के
स्कूली कार्यक्रमों में
भाग लेने से आपसी समझ,
सम्मान और मूल्य
भी बढ़ेंगे।
CBSE ने स्कूलों को सुझाव
दिया है कि समय-समय
पर स्कूलों में
वाकाथन का आयोजन
भी किया जाए।
जिससे बच्चे और
उनके ग्रैंड पैरेंटस
एक साथ टहल सकें। इससे
वरिष्ठ नागरिकों का
अकेलापन दूर हो सकेगा। CBSE ने सभी स्कूलों को इन आयोजनों को गंभीरता
पूर्वक आयोजित करने
का निर्देश दिया
है।
पूर्वांचल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डा. रितु मिश्र ने बताया कि बच्चों के माता-पिता को फंक्शन में बुलाया जाता है। CBSE का सुझाव है ग्रैंड पैरेंट़स को भी बुलाया जाए। यह काफी अच्छा विचार है। इसे लागू किया जाएगा। जिससे दो पीढ़ियों के बीच बेहतर बांडिंग हो सकेगी।