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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। बाल विवाह जैसी सामाजिक
कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने मिलकर प्रयास
तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को DM दीपक मीणा ने
अपने कार्यालय परिसर से मानव सेवा संस्थान द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ को
हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर DM ने कहा कि
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की
ओर से देशभर में 100 दिवसीय बाल
विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा
कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज की
सामूहिक जिम्मेदारी है।
DM ने बताया कि
बाल विवाह मुक्ति रथ जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में करीब 30 दिनों तक भ्रमण करेगा। इस दौरान लोगों को बाल विवाह से होने
वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान
की जानकारी दी जाएगी, ताकि समय रहते
इस कुप्रथा को रोका जा सके।
DM ने कहा कि बाल
विवाह बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और
सम्मान के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। यदि समाज समय रहते जागरूक हो जाए, तो इस समस्या को समाप्त किया जा सकता है। प्रशासन इस दिशा
में हरसंभव सहयोग देगा।
मानव सेवा संस्थान का
प्रयास सराहनीय
कार्यक्रम में मानव सेवा संस्थान के कार्यक्रम
प्रबंधक धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य बच्चों का बचपन सुरक्षित
रखना है। बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि यह
मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है। जब एक बच्चे का बचपन बचता है, तो पूरा समाज मजबूत होता है।
संस्थान के कार्यकारी निदेशक पुरु मयंक त्रिपाठी
ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाने के लिए DM का आभार व्यक्त
किया और कहा कि यह अभियान समाज को सकारात्मक संदेश देगा।
कार्यक्रम में उपश्रम आयुक्त शक्ति सेन मौर्य, जिला प्रोवेशन अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, विशेष किशोर पुलिस इकाई, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना प्रभारी व टीम, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन और संस्थान से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।