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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में बिजली कर्मियों का विरोध तेज हो
गया है। ट्रांसफार्मर मरम्मत खर्च को अभियंताओं के वेतन से वसूलने के आदेश के
खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसे कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव
बनाने वाला फैसला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही जिले में
निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नन्दन, राजकुमार सागर, विजय बहादुर सिंह और राकेश चौरसिया ने कहा कि
गोरखपुर में इस आदेश को लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष है। बिना जिम्मेदारी तय
किए सीधे वेतन से रिकवरी करना पूरी तरह अनुचित है।
गोरखपुर में
ओवरलोडिंग बड़ी वजह
पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के शहरी और
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों पर लगातार ओवरलोडिंग की समस्या है। पर्याप्त
क्षमता के ट्रांसफार्मर और सही लोड मैनेजमेंट की व्यवस्था न होने के कारण
ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की है, जबकि फील्ड स्तर के अभियंताओं पर आर्थिक भार
डाला जा रहा है।
संघर्ष समिति ने कहा कि सेवा नियमावली में वेतन
से मरम्मत खर्च वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है। लापरवाही साबित होने पर अलग से
कार्रवाई का नियम है, लेकिन इस तरह सीधी रिकवरी करना नियमों के खिलाफ
और मनमाना है। गोरखपुर के कर्मचारियों ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
स्मार्ट मीटर और
बिजली काटने पर बनी सहमति
गोरखपुर में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने
शहरी और ग्रामीण अधीक्षण अभियंता से वार्ता की। इसमें विभागीय कर्मचारियों के
कनेक्शन पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने और नियम विरुद्ध बिजली काटने का मुद्दा उठाया
गया। वार्ता के बाद यह सहमति बनी कि जिले में किसी भी कर्मचारी पर जबरदस्ती
स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा और न ही नियमों के खिलाफ कनेक्शन काटा जाएगा।
रियायती दर की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
477वें दिन भी जारी
रहा आंदोलन
गोरखपुर में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत
वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन का 477वां दिन रहा, जिसमें जिले के
विभिन्न स्थानों पर बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।
स्पष्ट चेतावनी, गोरखपुर में और तेज होगा आंदोलन
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया और निजीकरण का फैसला रद्द नहीं हुआ, तो गोरखपुर में आंदोलन और तेज किया जाएगा। बिजली कर्मियों ने साफ किया कि दमन और दबाव के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे।