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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
नगर निगम की
करीब 125 साल पुरानी
ऐतिहासिक लाइब्रेरी अब पूरी तरह नए
और आधुनिक रूप
में आम लोगों
के लिए खोल दी गई
है। करीब 4.5 करोड़
रुपये की लागत से हुए
रिनोवेशन के बाद
यह लाइब्रेरी अब
सिर्फ किताबों तक
सीमित नहीं रही,
बल्कि एक आधुनिक
डिजिटल नॉलेज हब
बन गई है। लाइब्रेरी के दोबारा
खुलने के बाद लोगों में
खासा उत्साह देखने
को मिल रहा है। अब
तक 20 से ज्यादा
लोग यहां रजिस्ट्रेशन
करा चुके हैं।
नगर निगम की इस लाइब्रेरी
में सिर्फ 500 रुपये
में पूरे एक साल के
लिए सदस्यता दी
जा रही है, जो निजी
लाइब्रेरी की तुलना
में काफी सस्ती
है।
लाइब्रेरी में पढ़ाई
कर रहे छात्रों
ने बताया कि
पहले कि- प्राइवेट
लाइब्रेरी में पढ़ने
के लिए 1000 से
1200 रुपये तक खर्च
करने पड़ते थे,
लेकिन यहां 500 रुपये
में सालभर की
सुविधा मिल रही है। छात्रों
का कहना है कि इतनी
कम फीस में इतनी अच्छी
सुविधाएं मिलेंगी, इसकी उन्होंने
कभी कल्पना भी
नहीं की थी।
रजिस्ट्रेशन
के लिए जरूरी दस्तावेज
लैब इंचार्ज के अनुसार,
नई सदस्यता के
लिए पहचान पत्र,
एक फोटो और
500 रुपये सालाना शुल्क
देना होगा। लाइब्रेरी
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे
तक खुली रहेगी।
हर दूसरे शनिवार
और सभी रविवार
को लाइब्रेरी बंद
रहेगी।
छात्रों से लेकर बच्चों
तक के लिए किताबें
लाइब्रेरी में अलग-अलग वर्ग
और विषयों के
लिए किताबें उपलब्ध
हैं। यहां साइंस,
यूपीएससी, नीट, अकाउंटेंसी
सहित कई स्ट्रीम
के छात्रों के
लिए अध्ययन सामग्री
मौजूद है। इसके
अलावा छोटे बच्चों
के लिए भी मनोहर कहानियों
और ज्ञानवर्धक पुस्तकों
का अच्छा संग्रह
रखा गया है। डिजिटल सुविधाओं
से लैस लाइब्रेरी
को आधुनिक तकनीक
से जोड़ा गया
है। लगभग हर टेबल पर
डेस्कटॉप कंप्यूटर लगाए गए हैं, जो
पूरी तरह वाई-फाई से
कनेक्ट हैं। छात्र
यहां बैठकर ऑनलाइन
पढ़ाई, रिसर्च और
ई-लर्निंग का
लाभ उठा सकते
हैं।
पुरानी किताबें और नई तकनीक
का मेल
इस लाइब्रेरी की खास बात यह है कि यहां दुर्लभ और ऐतिहासिक किताबों के साथ-साथ डिजिटल संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्रों के लिए ई-लर्निंग मटेरियल, ऑनलाइन जर्नल्स और डिजिटल रीडिंग टेबल की सुविधा जोड़ी गई है, ताकि वे पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी शिक्षा भी हासिल कर सकें। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि लाइब्रेरी को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब सदस्य अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए भी लाइब्रेरी की ई-बुक्स और रिसर्च मटेरियल को एक्सेस कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर में पढ़ने और अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और गोरखपुर का यह ऐतिहासिक पुस्तकालय ज्ञान का नया केंद्र बनेगा।