BREAKING NEWS
गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
Default left Ad
Default right Ad
• gorakhpur, cm yogi, Paget, disease • गोरखपुर / चरगांवा • 13-04-2026

गोरखपुर में मिला पगेट रोग का पहला मरीज, बुजुर्ग पुरुष की कमर की हड्डी में बदलाव

रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में पगेट रोग का पहला मामला सामने आया है। यहां के 64 वर्षीय एक पुरुष में इस दुर्लभ हड्डी रोग की पुष्टि हुई है। आमतौर पर यह बीमारी दक्षिण भारत में अधिक पाई जाती है, लेकिन मरीज कभी दक्षिण भारत नहीं गए थे।

Image Source Here...

कमर दर्द की शिकायत के बाद मरीज को परिजन एम्स गोरखपुर की ओपीडी में लाए थे। हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अजय भारती ने उनका परीक्षण किया। शुरुआती जांच में एक्स-रे और एमआरआई में कमर की हड्डी की संरचना असामान्य दिखी, जिसमें कुछ हिस्से सामान्य से अधिक ठोस थे। मेटाबॉलिक हड्डी रोग की आशंका के बाद डॉ. भारती ने मरीज को एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. देबादित्य दास के पास भेजा। डॉ. दास ने हड्डी की स्कैनिंग कराई, जिससे पैगेट रोग का निदान हुआ। एम्स गोरखपुर के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबादित्य दास मरीज का उपचार कर रहे हैं।

पैगेट रोग एक दीर्घकालिक अस्थि विकार है जो शरीर की प्राकृतिक हड्डी पुनर्चक्रण प्रणाली को बाधित करता है। इसमें पुरानी हड्डी के ऊतकों की जगह नए ऊतक असामान्य रूप से तेजी से बनते हैं, जिससे हड्डियां समय के साथ भंगुर और विकृत हो सकती हैं।

Image Source Here...

यह रोग मुख्य रूप से श्रोणि, खोपड़ी, रीढ़ और पैरों को प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने के साथ पैगेट रोग का जोखिम बढ़ता है, और यदि परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो तो इसके होने की संभावना अधिक होती है। पैगेट रोग के लक्षणों में कूल्हे में दर्द, खोपड़ी में हड्डी की अत्यधिक वृद्धि के कारण सिरदर्द या सुनने की क्षमता में कमी शामिल है। तंत्रिका जड़ पर दबाव पड़ने से पैर या हाथ में सुन्नता, झुनझुनी और दर्द भी हो सकता है। कमजोर हड्डियां मुड़ सकती हैं, जिससे पैरों में विकृति आ सकती है और आसपास के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

पगेट रोग एक दीर्घकालिक अस्थि विकार है। भारत में इसके रोगी तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मिलते हैं। गोरखपुर में रोगी मिला है। 50 वर्ष या इससे ज्यादा आयु के पुरुषों में आनुवांशिक या पर्यावरणीय कारणों के कारण यह रोग होता है।

Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
13:29
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में CM योगी 3 दिन विशेष अनुष्ठान करेंगे:कल महानिशा पूजा-हवन करेंगे, विजयादशमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे
गोरखपुर : पंडालों में खुले पट: सिविल लाइन्स और बेतियाहाता में 21 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण
गोरखपुर : रामगढ़ताल में कूदी महिला, दो राहगीरों ने बचाई जान
गोरखपुर : साइबर थाने को मिला नया भवन, एडीजी ने किया उद्घाटन
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किया बाबा गोरक्षनाथ जी और गुरु महंत अवैद्यनाथ जी के दर्शन।