Default left Ad
Default right Ad
gorakhpur, cm yogi, Municipal Commissioner 19-May-2026 12:50 PM

संपत्ति कर वसूली में लापरवाही पर नगर आयुक्त की सख्ती, कम टैक्स वसूली पर लगाई फटकार, 10 लाख से बड़े बकायेदारों की वसूली

रूरल न्यूज नेटवर्क नगर निगम गोरखपुर में नगर आयुक्त ने संपत्ति कर विभाग की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जोनों में शासन द्वारा तय लक्ष्य के मुकाबले कम वसूली और कम संपत्तियों के पंजीकरण पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित राजस्व निरीक्षकों, कर अधीक्षकों और जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि तय लक्ष्य के अनुसार वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने लंबित नामांतरण मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनहित गारंटी अधिनियम के तहत नामांतरण की प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने सभी राजस्व वसूलीकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 10 लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले बड़े करदाताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें और बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन स्वामी या अध्यासी को संपत्ति कर के बिल को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसका समाधान सक्षम स्तर पर कराया जाए।

Image Source Here...

बैठक में मेसर्स लॉजीकूफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को भी निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी द्वारा पांच वार्डों में किए गए संपत्तियों के सर्वे का पूरा डेटा आवासीय और अनावासीय श्रेणी के अनुसार तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए।

समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, रवि कुमार सिंह और सुरेंद्र प्रताप के साथ कर निर्धारण अधिकारी अनुष्का सिंह, सभी कर अधीक्षक, कंप्यूटर प्रोग्रामर और राजस्व वसूलीकर्ता मौजूद रहे।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×