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Monday, 15th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। रामगढ़ताल में
नौका विहार इन दिनों पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बना हुआ है। यहां रोजाना लगभग
700 से 1000
लोग बोटिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। जबकि त्योहारों और खास मौकों पर यह संख्या बढ़कर 1500 से 2000 तक पहुंच जाती
है। हाल ही में मथुरा के वृंदावन में हुए नाव हादसे के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था
को और मजबूत कर दिया गया है। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
नाव संचालन से जुड़े लोगों
ने सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। पहले से ही बिना लाइफ जैकेट के
किसी को नाव पर बैठने की अनुमति नहीं थी। अब इस नियम को
और सख्ती से लागू किया जा रहा है। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक हर यात्री को लाइफ
जैकेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म पर
पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध रहती हैं और उनकी गुणवत्ता पर भी विशेष
ध्यान दिया जा रहा है।
ओवर लोडिंग पर
रोक
ओवरलोडिंग को रोकने के लिए
भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। छोटी नावों में अधिकतम 8 लोगों और बड़ी नावों में 12 से 14 लोगों को ही बैठाने की अनुमति है। अगर कोई नाविक इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ
कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जल पुलिस समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करती
है कि सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते
हुए हर नाव में जरूरी लाइफ सेविंग उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है। इनमें लाइफ
जैकेट, लाइफ रिंग, रस्सा और
इमरजेंसी फर्स्ट-एड किट शामिल हैं। इसके अलावा कुछ नावों में फायर बॉक्स की सुविधा
भी उपलब्ध है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल
सके।
संचालक और पर्यटकों ने साझा
की अपनी राय
नौका विहार में बोट संचालक
अंशुमान ओझा ने बताया कि जीडीए के तहत बोट चलवाया जाती है। हाई स्पीड का रेट 150, स्पीड का 100 और मोटर बोट का
रेट 50 रूपया रखा गया है।
लाइफ जैकेट के साथ फायर
बॉक्स की सुविधा है। इसके साथ बोट चालक को सभी तरह की ट्रेनिंग दी गई है। वहीं
हमारे चालकों के पास सर्टिफिकेट भी है। दूसरे संचालक
पप्पू सिंह ने बताया कि मैं किसी को बिना जैकेट के बिना नाव में नहीं जाने देता
हूं। किसी अनहोनी को दशा में सबसे पहले ड्राइवर मुझे इनफॉर्म करता है। फिर यहां से
मैं राहत का काम शुरू करवाता हूं।
यहां घूमने आए पर्यटकों ने
भी अपने अनुभव साझा किए। लोगों का कहना है कि रामगढ़ताल में सुरक्षा के अच्छे
इंतजाम हैं और बोटिंग का अनुभव काफी शानदार रहा। परिवार, दोस्तों और
बच्चों के साथ लोग यहां बोटिंग का आनंद लेते हुए नजर आए और इस दौरान सेल्फी लेकर
यादगार पल भी कैद करते दिखे।
जीडीए करता है किराये का
निर्धारण
किराया निर्धारण भी तय
नियमों के अनुसार किया जाता है। गोरखपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) और नाविकों के
समन्वय से दरें तय होती हैं और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इनका पालन सुनिश्चित किया
जाता है। अगर कोई नाविक ज्यादा पैसे वसूलता है तो उसके खिलाफ शिकायत होने पर कार्रवाई
की जा सकती है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए खास दिनों में जल पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी जाती है, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा बनी रहे और लोग बेफिक्र होकर नौका विहार का आनंद ले सकें।