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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। भवन बनवाने के
लिए लोगों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। आसानी से उनका मानचित्र पास हो सकेगा।
इसके लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने नए बिल्डिंग बायलाज के तहत फास्ट एंड
सिम्प्लीफायड ट्रस्ट बेस्ड प्लान अप्रूवल सिस्टम (फास्टपास) लागू किया गया है। यह
फास्ट ट्रैक सिस्टम है। प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने
अभियंताओं को नए सिस्टम को लेकर प्रशिक्षित किया। अब लोग 100 वर्ग मीटर तक
के भूखंड का मानचित्र घर बैठे पास करा सकेंगे। इस नए
सॉफ्टवेयर के जरिए भूखण्ड स्वामी अपने मकान व दुकान का नक्शा स्वयं पास कर सकेंगे।
इसके लिए
उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा और चंद मिनटों में मानचित्र स्वीकृत हो जाएगा। इस
नई व्यवस्था से शहर में अपना मकान व दुकान बनाने जा रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब चयनित
श्रेणियों के मानचित्र ऑनलाइन माध्यम से शीघ्र स्वीकृत किए जा सकेंगे। स्वीकृत
लेआउट में 500 वर्गमीटर तक के एकल आवासीय भवन और 200 वर्गमीटर तक की
व्यावसायिक इकाइयों के लिए एलटीपी के माध्यम से स्वीकृति का प्रावधान है। शासन
द्वारा निर्धारित यूआरएल map.up.gov.in के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जानिए कैसे करना होगा आवेदन
फास्टपास
प्रणाली के अंतर्गत 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के
व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों का मानचित्र सम्पत्ति के स्वामी घर बैठे पास करा
सकेंगे। इसके लिए लोगों को map.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया
डिजिटल, पारदर्शी और
सरल रखी गई है।
मोबाइल नंबर से करना होगा रजिस्ट्रेशन
आवेदन की
शुरुआत पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर करने से होगी। इसके बाद लॉगिन आईडी और
पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर ही गणना के अनुसार
देय शुल्कों के भुगतान की सुविधा होगी। आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम स्वतः मानकों
के आधार पर मानचित्र की जांच करेगा।
भू-स्वामी स्वतः प्रमाणित करेंगे विवरण
मानचित्र पास कराने के दौरान यह अनिवार्य होगा कि भूखण्ड का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुरूप हो। साथ ही आवेदन में भूखण्ड की सटीक लोकेशन, आसपास की सड़कों की लंबाई और चौड़ाई, प्रस्तावित भवन की ऊंचाई, कवर्ड एरिया, फ्रंट, साइड और रियर सेटबैक, प्रवेश और निकास द्वार व पार्किंग का पूरा विवरण देना होगा। पोर्टल पर मानचित्र के साथ पूरा विवरण देते ही चंद ही मिनटों में नक्शा स्वीकृत हो जाएगा। आवेदक को स्वतः प्रमाणित मानचित्र व सर्टीफिकेट मिल जाएगा। जीडीए के उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन ने बताया कि इस नई व्यवस्था से आम लोगों को राहत मिलेगी। मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।