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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। चैत्र नवरात्रि
को लेकर हर तरफ भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। 19 मार्च से शुरू हो रही
नवरात्रि में शहर के प्रमुख मंदिरों में रौनक देखने को मिल रही है। खासकर गोलघर की
मशहूर काली मंदिर और दाऊदपुर की काली मंदिर में।
मंदिर के सजावट
के लिए केरल, बनारस और
कोलकाता जैसे शहरों से खास फूल मंगाया गया है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि रात
में यहां सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लाइट्स, फूलों की मालाएं, रंग-बिरंगे
झंडे और चुनरियां लगाकर मां का दरबार सजा गया है।
आरती के बाद खुला मंदिर का गेट
गोलघर काली
मंदिर में तो पहले दिन आरती के बाद ही भक्तों के लिए मुख्य द्वार खुल गया। भोर से
ही श्रद्धालु लाइन लगाकर मां के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर के पूजारी सनी
सैनी ने बताया कि पूरे नवरात्रि में हर दिन मां काली के वस्त्र बदलते रहेंगे।
अलग-अलग रंगों
और सजावट वाली साड़ियां, चुनरियां चढ़ाई जाएंगी। पहले दिन से ही भक्तों का सैलाब
उमड़ रहा है। दूर-दूर से लोग नारियल, चुनरी, फल और मिठाई चढ़ाने आए हैं।
दाऊदपुर वाली
काली मंदिर भी पीछे नहीं है। यहां भी साफ-सफाई, सजावट का काम पूरा हो चुका
है। यहां के पुजारी ने बताया कि साफ सफाई का काम शुरू हो गया है। सुबह तक मंदिर
तैयार मिलेगा। हर साल यहां नवरात्रि में भक्तों की भारी भीड़ उमडती है। मान्यता है
कि जो भी मन्नत मांगों मां काली जरूर पूरा करती हैं।
भक्तों का अटूट विश्वास
भक्तों का कहना
है कि गोलघर की काली मां तो स्वयंभू हैं, जमीन फाड़कर प्रकट हुई थीं, इसलिए इनकी
महिमा अलग ही है। नवरात्रि में यहां मनोकामनाएं पूरी होने की बहुत मान्यता है।
शहर भर में
मंदिरों में भजन-कीर्तन, आरती का दौर चलेगा। ट्रैफिक और भीड़ को देखते हुए पुलिस भी
अलर्ट पर है। जो लोग व्रत रख रहे हैं, वो सुबह से मंदिर पहुंचकर मां का आशीर्वाद
लेंगे। गोरखपुर में इन नौ दिनों में भक्ति का सैलाब उमड़ेगा और मां काली के जयकारे
गूंजते रहेंगे।
नारियल-चुनरी की जमकर
खरीदा
चैत्र नवरात्रि
के एक दिन पहले शहर में खरीदारों की रौनक देखने को मिली। गोलघर, घंटाघर, दाऊदपुर काली
मंदिर के बाहर फूल, माला,चुनरी और नारियल की दुकानें सज चुकी थी। हर कोई अपने पसंद
की चुनरी और पूजा का सामान खरीदने पहुंचा हुआ था।
प्रमुख दुर्गा मंदिर
शहर में ऐसे मंदिर हैं जहां चैत्र और शारदीय दोनों नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। गोलघर काली मंदिर, दाऊद की प्राचीन काली मंदिर, बुढ़िया माता मंदिर और तरकुलहा माता जैसे प्रमुख मंदिरों की मान्यता है कि यहां कोई भी भक्त सच्चे मन से कोई मन्नत मांगता है तो वह पूरा जरुर होता है।