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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू हो गई है। इससे रोगियों को भी बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिलने की उम्मीद है। आयुर्वेद के विभिन्न विषयों में अध्ययनरत विद्यार्थी ओपीडी में चिकित्सकों का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां अध्ययनरत विद्यार्थी विश्वविद्यालय की गरिमा बढ़ाएंगे।
आयुष विश्वविद्यालय को
पीजी की पढ़ाई के लिए कुल 20 सीटों की मान्यता मिली है। सोमवार को 10 छात्र और 10 छात्राओं
का प्रवेश हुआ। उन्हें विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, चिकित्सीय और आवासीय सुविधाओं
के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद
मेडिसिन एंड सर्जरी) के बाद पीजी में प्रवेश लेने वाले इन विद्यार्थियों ने मंगलवार
से ओपीडी में चिकित्सकों का सहयोग करना शुरू कर दिया। वे दोपहर 2 बजे तक ओपीडी में
वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से
शाम 5 बजे तक सैद्धांतिक कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
विधिवत कक्षाएं शुरू
होने के पहले दिन कुलपति ने छात्रों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान आयुर्वेद के पांच
विषयों जैसे द्रव्यगुण, क्रिया शरीर, रचना शरीर, रस शास्त्र, भैषज्य कल्पना, संहिता
एवं सिद्धांत सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई। इसी क्रम में एक गेस्ट लेक्चर का भी आयोजन
किया गया।
इस गेस्ट लेक्चर में फर्रुखाबाद की प्रधानाचार्य मेजर एस.डी. सिंह उपस्थित थीं। डॉ. नीतू पाठक ने द्रव्यगुण विषय में शोध को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है, इस पर विस्तार से जानकारी दी।