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gorakhpur, cm yogi, cold day, UGC, Memorandum 22-Jan-2026 04:33 PM

गोरखपुर में UGC के नए नियमों पर प्रदर्शन: DM कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

रूरल न्यूज़ नेटवर्क गोरखपुर में UGC के नए नियमों के विरोध में NSUI के छात्र नेताओं ने DM कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। NSUI ने नए प्रावधानों को शिक्षा व्यवस्था में असमानता बढ़ाने वाला बताते हुए तत्काल समीक्षा की मांग उठाई। छात्रों का आरोप है कि UGC ने नियम लागू करने से पहले छात्र संगठनों, शिक्षाविदों और विश्वविद्यालयों से विस्तृत विमर्श नहीं किया।

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NSUI के नेताओं का कहना है कि उच्च शिक्षा राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में UGC द्वारा बिना पर्याप्त परामर्श के नियम लागू करना छात्र हित के खिलाफ है। NSUI ने सवाल उठाया कि क्या नए प्रावधान शिक्षा में समान अवसर, पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप हैं या नहीं।

भेदभाव और विभाजन की आशंका

NSUI से जुड़े छात्र नेता आदित्य शुक्ला ने कहा कि नियमों की आड़ में छात्रों को जाति और वर्ग के आधार पर बांटकर कार्रवाई करना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों में पहले से ही छात्र उत्पीड़न, शिकायत निवारण, आंतरिक मूल्यांकन और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे मौजूद हैं, ऐसे में विभाजनकारी प्रावधान शिक्षा व्यवस्था को और जटिल बना देंगे। NSUI ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक समान अवसर पहुंचाना है, कि किसी समूह को अलग करना।

शोषण पर कार्रवाई की मांग

 प्रदर्शन के दौरान NSUI ने कहा कि देशभर के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के उत्पीड़न, दंडात्मक कार्रवाई और अकादमिक भेदभाव से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन शिकायत निवारण तंत्र कमजोर होने के कारण छात्रों को न्याय नहीं मिल पाता। NSUI ने मांग की कि सरकार छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करे और कार्रवाई की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए।

ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया कि UGC के नए नियमों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं ताकि छात्र हित सुरक्षित रह सके। NSUI ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी प्रकार के दमनात्मक कदम या भेदभावपूर्ण कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ भी जुड़ाछात्र नेताओं का कहना है कि केंद्रीय नीतियों का प्रभाव राज्यों की शिक्षा व्यवस्था और छात्र समुदाय पर सीधा पड़ता है। इसलिए शिक्षा संबंधी बड़े निर्णयों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। NSUI ने केंद्र से अपील की कि नीति निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रतिनिधिक और संवाद आधारित बनाया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान NSUI से जुड़े विजय नारायण मिश्रा, प्रभात धर दूबे, देवेंद्र पाण्डेय और अरमान खान सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। विरोध के बाद NSUI की बैठक हुई जिसमें आगामी कार्यक्रम और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि नियमों की समीक्षा नहीं की गई तो विरोध और तेज होगा और इसे राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

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