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gorakhpur, cm yogi, Gorakhnath, bridge 17-Mar-2026 02:06 PM

गोरखनाथ के पुराने पुल पर जल्द शुरू होगा मरम्मत का कार्य, 45 दिनों तक रहेगा रूट डायवर्ट

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखनाथ क्षेत्र में बने पुराने ओवरब्रिज की बेयरिंग में मरम्मत की जरूरत सामने आई है। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने पुल की स्थिति को देखते हुए इसकी जानकारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को दी और जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन से बजट की मांग की, जिसे मंजूरी भी मिल गई है।

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बेयरिंग के साथ अन्य हिस्सों की भी होगी मरम्मत

पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरविंद कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि पुल की बेयरिंग की मरम्मत के लिए शासन से बजट स्वीकृत हो चुका है। बेयरिंग के अलावा पुल के कुछ अन्य हिस्सों में भी छोटे-मोटे मरम्मत कार्य की जरूरत है, जिन्हें एक साथ कराया जाएगा। विभाग जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

40 से 45 दिन तक रहेगा रूट डायवर्जन

मरम्मत कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन से रूट डायवर्जन की अनुमति मांगी गई है। अधिकारियों के मुताबिक काम शुरू होने के बाद करीब 40 से 45 दिनों तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा, ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित और तेजी से किया जा सके।

15–20 साल में जरूरी होती है बेयरिंग की सर्विसिंग

सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि पुल की बेयरिंग एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसकी सर्विसिंग और मरम्मत सामान्य तौर पर हर 15 से 20 साल में करनी पड़ती है। इसी कारण पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

समानांतर पुल बनने से काम में मिलेगी राहत

अधिकारियों का कहना है कि इस पुल के समानांतर दूसरा पुल बन जाने से मरम्मत कार्य करने में काफी सहूलियत मिलेगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम रहेगा और काम जल्दी पूरा किया जा सकेगा।

राजघाट के पुराने पुल की भी चल रही मरम्मत

शहर के दूसरे छोर पर राप्ती नदी पर बने राजघाट के पुराने पुल की स्थिति भी जर्जर हो गई थी। वहां भी मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मरम्मत पूरा होने के बाद पुल की उपयोग अवधि लगभग 20 साल तक और बढ़ जाएगी।

17 मार्च से बड़े वाहनों पर रोक

मरम्मत कार्य को देखते हुए 17 मार्च से शहर में आने वाले बड़े वाहनों को इस पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। वाराणसी–बड़हलगंज और लखनऊ रूट से आने वाले भारी वाहनों को बघागढ़ के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद वे देवरिया बाईपास से होकर शहर में प्रवेश करेंगे।

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