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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। महानगर में यातायात व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त कराने का श्रेय पुलिस अधीक्षक (यातायात) राजकुमार पाण्डेय को जाता है। प्रयागराज के सरकारी स्कूल में शिक्षा अर्जित करने के बाद राजकुमार पांडेय ने गर्वनमेंट स्कूल प्रयागराज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। प्रयागराज विश्वविद्यालय से इन्होंने बैचलर आफ आर्नस की उपाधि हासिल की। विदित हो कि इनके पिता कांशीराम पाण्डेय पेशे से शिक्षक रहे तो राजकुमार में शिक्षा के प्रति लगाव व संस्कार इन्हें विरासत में मिले। पुलिस अधीक्षक यातायात राजकुमार पाण्डेय ने रूरल न्यूज नेटवर्क के संवाददाता को एक खास बातचीत के दौरान बताया कि बचपन से ही पुलिस सेवा में जाने का सपना मन में संजो लिया था। शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही सुबह जल्दी उठकर व्यायाम, जिम जाना प्रारंभ कर दिया था। मेरा मानना था कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इन गतिविधियों को करते हुए आज मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं।
बता
दें कि 17 जून
2013 को राजकुमार पाण्डेय
की पहली पोस्टिंग
सीतापुर प्रशिक्षण अकादमी
में हुई। बस फिर क्या
था मानों इनके
हौसलों को पंख लग गए
हों। अपनी कार्यशैली
से यह अधिकारियों
के साथ ही जनता के
दिलों के भी सरताज बने
रहे।
यहां किए सराहनीय
कार्य
20 सितंबर को बतौर एसपी ट्रैफिक राजकुमार पाण्डेय को गोरखपुर का दायित्व सौंपा गया। रूरल न्यूज नेटवर्क संवाददाता को श्री पाण्डेय ने बताया कि गोरखपुर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलाई जा रही है। विकास कार्यों के कारण झूलेलाल पुल, ट्रांसपोर्टनगर आदि स्थानों पर सुगम यातायात में दिक्कतें आ रही हैं। निर्माण कार्य पूरा होते हुए यातायात व्यवस्था बेहतरीन हो जाएगी। खजांची चौराहा, पादरी बाजार पर भी अंडर कंस्ट्रक्शन का कार्य के बावजूद भी यातायात सिपाही पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। घंटाघर, रेती चौक, गीता प्रेस मार्ग, रूस्तमपुर, आजाद चौक पर यातायात व्यवस्था ठीक कराने का प्रयास जारी है। नगर निगम का भी भरपूर सहयोग मिलने के कारण यह संभव हो सका है।
समाजसेवी नीलम मौर्या
ने एक बातचीत
के क्रम में
बताया कि आज शहर में
यातायात व्यवस्था काफी
हद तक सुदृढ़
हुई है। सड़के
चौड़ीकरण के बाद
निश्चित ही आवागमन
और भी सुगम हो जाएगा।
गृहणी रेनू गुप्ता
ने अपने विचार
व्यक्त करते हुए
कहा कि पहले तो लगता
ही नहीं था कि हम
महानगर के निवासी
हैं। गोलघर, घंटाघर
या फिर अलीनगर
जाने की सोचो तो पहले
ही जाम की चर्चा हो
जाना आम बात हो जाती
थी। आज चौड़ीकरण
से भले ही लोगों को
परेशानी इसलिए हो
रही है कि मलबा सडकों
पर पडा है। पहले ही
तुलना में अब यातायात व्यवस्था काफी
हद तक दुरूस्त
हो गई है।
व्यापारी सुशील अग्रहरी
का मानना है
कि गोरखनाथ में
आने व जाने के लिए
दो अलग पुल बन जाने
से यहां पर लगने वाला
जाम समाप्त हो
चुका है। महानगर
में फ्लाईओवर का जो
जाल योगी सरकार
द्वारा बिछाया गया,
उससे अब हमें गर्व होता
है कि हम महानगर के
निवासी हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी मंजीत सिंह
कहते हैं कि हमारा बचपन
गोरखपुर में ही गुजरा है।
उस समय हम लोग साइकिल
से चलते थे।
स्कूल जाते समय
जाम के कारण कईयों बार
देरी हो जाती थी, तब
काफी दिमाग खराब
होता था। कल और आज
में जमीन आसमान
का अंतर देखने
को मिला है।
खासकर योगी आदित्यनाथ
के मुख्यमंत्री बनने
के बाद। अभी
भी यातायात को
दुरूस्त करने के लिए एक
काम और जरूरी
है कि सड़क के दोनों
पटरियों के पास बड़े वाहन
घंटों खड़े रहते
हैं, इस पर रोक लगाने
की सख्त आवश्यकता
है।
संतोष कुमार ने
कहा कि यातायात
व्यवस्था आज काफी
बेहतरीन हो गई है। रेलवे
स्टेशन जाने के लिए धर्मशाला
से लेकर रेलवे
तक की यात्रा
करने के लिए समय से
एकाध घंटे पहले
ही निकलना होता
था। आज ऐसा नहीं है।
चौराहों पर चालान
की प्रक्रिया ने
भी लोगों को
अनुशासित बना दिया
है। पहले लोग
अपनी पहुंच दिखाकर
कहीं से भी वाहनों समेत
निकल जाते थे।
आज यातायात में
बड़े बदलाव के
कारण ही जाम से निजात
मिल रही है।