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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। बालस्थली स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के प्रति अपनी रचनात्मक सोच, नवाचार और तकनीकी समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और जेंडर समानता को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अनुभवी समाजसेवी देवेंद्र पाल उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि लड़कियों में विज्ञान के प्रति जिस प्रकार का लगाव और समझ देखने को मिल रही है, उससे यह स्पष्ट है कि भारत का भविष्य लड़कियों की लीडरशिप में सुरक्षित है। उन्होंने बालस्थली स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव के उस निर्णय की विशेष प्रशंसा की, जिसमें स्कूल प्रशासन द्वारा लड़कियों से एडमिशन फीस न लेने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल से आर्थिक कारणों से होने वाला लड़कियों का स्कूल ड्रॉप-आउट काफी हद तक कम होगा, जो सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का मुख्य प्रयास छात्राओं की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि को-एजुकेशन व्यवस्था के कारण लड़के और लड़कियों के बीच जेंडर असमानता कम होती है तथा दोनों में समान अवसर और आपसी सम्मान की भावना विकसित होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि विज्ञान प्रदर्शनी की तैयारी के दौरान छात्र-छात्राओं में टीम में काम करने की क्षमता, लीडरशिप स्किल्स और शिक्षकों के साथ संवाद में सुधार देखने को मिला, जिससे उनका डर और संकोच कम हुआ जो कि नई शिक्षा नीति के मूल मूल्यों में से एक है। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा कई सचल( वर्किंग) और शैक्षणिक मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से विक्रांत मॉडल, विंडमिल एवं कचरा कटर, इंसानी दिल का कार्यशील मॉडल, एयर पॉल्यूशन कंट्रोलर, कार्बन प्यूरिफिकेशन, दिन-रात कार्य करने वाला मॉडल, पानी का प्यूरिफिकेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक वॉटर डिस्पेंसर, सोलर सिस्टम, भविष्य का हवाई जहाज सुरक्षा मॉडलA मॉडल, इंसानी दिल, दांतों का मॉडल, रेस्पिरेटरी सिस्टम, चंद्रयान मॉडल तथा फोटोसिंथेसिस से संबंधित मॉडल शामिल रहे। प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए, जिससे उनमें व्यावहारिक ज्ञान और उद्यमिता की समझ विकसित हुई।
विद्यार्थियों के साथ मिलकर कार्य करने वाले शिक्षकों में अभिषेक शर्मा, महिमा शर्मा, शिवानी सिंह, नीतू सिंह, पुष्पा सिंह, रानी पांडे, सुगंधा यादव, प्रगति गुप्ता, ऋचा चतुर्वेदी, श्वेता, रेनू चतुर्वेदी एवं अनामिका तिवारी शामिल रहीं।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमुख सचल एवं शैक्षणिक मॉडल
कक्षा-7वीं
विक्रांत मॉडल
• अंश शर्मा
• अनुराग तोरिहाथी
रूरल एवं अर्बन एरिया मॉडल
• विशु
• अभिनव
विंडमिल एवं कचरा कटर मॉडल
• साहिबा
• परी
• पलक
• अनुपमा
ह्यूमन हार्ट, वर्किंग मॉडल
• आयुष मिश्रा
• सैफ
• अभिनव
• अनुराग त्रिपाठी
कक्षा- 5वीं
एयर पॉल्यूशन कंट्रोल मॉडल
• कोमल
• फ़िज़ा
• आकर्ष
• दिव्या
कार्बन प्यूरिफिकेशन मॉडल
• दिव्यांशी
• अंशिका
• जैद
• अनम
• कार्तिक
दिन-रात कार्य करने वाला मॉडल
• ख़ुशी
• अंशिका
• प्रज्ञा
• नरेंद्र
• लिया
• आदर्श
• अर्श