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Monday, 15th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर से
लखनऊ के बीच सफर करने वाले लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। बढ़ते ट्रैफिक
दबाव, सड़क हादसों और लंबे जाम की समस्या को देखते हुए भारतीय
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय
राजमार्ग-27 को स्मार्ट हाईवे के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर
दी है।
नई व्यवस्था लागू होने के
बाद पूरे रूट पर 24 घंटे हाईटेक निगरानी रहेगी और ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक
तकनीक से नियंत्रित किया जाएगा। NHAI की ओर से हाईवे
पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जाएगा।
इसके जरिए सड़क पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। दुर्घटना, जाम या ओवरस्पीडिंग की सूचना तुरंत कंट्रोल सेंटर तक
पहुंचेगी, जिससे राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जा
सकेगी। परियोजना के तहत दो मुख्य कंट्रोल सेंटर और एक
सब-कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इससे गोरखपुर से लखनऊ तक पूरे हाईवे नेटवर्क की
निगरानी एक साथ की जा सकेगी।
हर किलोमीटर पर रहेंगे
कैमरे
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत
करने के लिए हाईवे पर 238 CCTV और पीटीजेड
कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा और जरूरत
पड़ने पर किसी भी दिशा में घुमाकर निगरानी की जा सकेगी। हादसा प्रभावित क्षेत्रों, जंक्शन और इंटरचेंज पर अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे।
इसके अलावा हर 10 किलोमीटर पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम और एएनपीआर
कैमरे लगाए जाएंगे। ओवरस्पीडिंग या ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान होते
ही सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजेगा।
सफर के दौरान मिलेगी हर
अपडेट
यात्रियों की सुविधा के लिए
हाईवे पर 18 डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए
जाएंगे। इन बोर्डों पर मौसम, सड़क की स्थिति, जाम और डायवर्जन की जानकारी रियल टाइम में दिखाई जाएगी।
वहीं, वाहनों की रफ्तार पर नजर रखने के लिए 24 स्पीड डिटेक्शन सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
हाईवे पर सफर कर रहे लोगों
की सुरक्षा के लिए 122 इमरजेंसी कॉल
बॉक्स भी लगाए जाएंगे। वाहन खराब होने, दुर्घटना या
मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में लोग सीधे कंट्रोल रूम से मदद मांग सकेंगे।
NHAI अधिकारियों के मुताबिक, इस स्मार्ट हाईवे परियोजना का उद्देश्य गोरखपुर से लखनऊ तक
सफर को सुरक्षित, तेज और
सुविधाजनक बनाना है। इसे देखते हुए डायवर्जन प्वाइंट्स पर 52 विशेष ट्रैफिक उपकरण लगाए जाएंगे।
इससे ट्रैफिक दबाव का पहले
से आकलन कर वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकाला जा सकेगा और लंबा जाम लगने की
समस्या कम होगी।