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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। जीडीए
की कालोनियों के
नगर निगम को हैंडओवर होने के बाद अब
वहां बुनियादी सुविधाओं
को बेहतर बनाने
का काम तेज हो गया
है। सबसे पहले
पेयजल व्यवस्था को
मजबूत करने के लिए बड़ी
योजना शुरू की गई है।
इसके तहत विभिन्न
कालोनियों में कुल
22,431 मीटर लंबी नई
पानी की पाइपलाइन
बिछाई जाएगी और
6 नलकूप स्थापित किए
जाएंगे। इस संबंध
में टेंडर जारी
कर दिया गया
है। नगर निगम
का कहना है कि इन
कार्यों के पूरा होने के
बाद हजारों परिवारों
को नियमित और
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध
हो सकेगा। साथ
ही पानी के प्रेशर में
भी सुधार आएगा,
जिससे अंतिम छोर
तक रहने वाले
लोगों को भी पर्याप्त पानी मिल
पाएगा।
इन कालोनियों में होगा पाइपलाइन
विस्तार
जिन कालोनियों में पाइपलाइन
बिछाई जाएगी, उनमें
बुद्ध विहार पार्ट-ए में
2640 मीटर, बुद्ध विहार
पार्ट-बी में
3007 मीटर और बुद्ध
विहार पार्ट-सी
में 2890 मीटर पाइपलाइन
डाली जाएगी। वैशाली
आवासीय योजना में
1372 मीटर और सिद्धार्थपुरम
विस्तार योजना में
3784 मीटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इसके अलावा गौतम
बिहार आवासीय योजना
में 4120 मीटर तथा
गौतम बिहार विस्तार
योजना में 4618 मीटर
पाइपलाइन डाली जाएगी।
इस तरह कुल
22,431 मीटर लंबी पाइपलाइन
बिछाकर पेयजल नेटवर्क
को मजबूत किया
जाएगा।
6 नए
नलकूप होंगे स्थापित
पानी की आपूर्ति
को स्थायी और
पर्याप्त बनाने के
लिए 6 नलकूप स्थापित
किए जाएंगे। बुद्ध
विहार पार्ट-सी,
सिद्धार्थपुरम विस्तार और लोहिया
इन्क्लेव में एक-एक बड़ा
नलकूप लगाया जाएगा।
लेक व्यू अपार्टमेंट
में एक सामान्य
नलकूप स्थापित होगा।
अमरावती योजना तथा
वसुंधरा फेज-1 और
फेज-2 के लिए एक-एक
मिनी नलकूप लगाए
जाएंगे। इन नलकूपों
के चालू होने
से जलापूर्ति की
क्षमता बढ़ेगी और
खासकर गर्मियों में
पानी की कमी से राहत
मिलने की उम्मीद
है।
मरम्मत और सफाई के
काम भी होंगे
नगर निगम की
ओर से सिर्फ
नई पाइपलाइन और
नलकूप ही नहीं लगाए जाएंगे,
बल्कि पुराने ढांचे
की मरम्मत भी
की जाएगी। बुद्ध
विहार पार्ट-ए में नलकूप
और ओवरहेड टैंक
की मरम्मत होगी>
वैशाली आवासीय योजना
में नलकूप की
मरम्मत के साथ सीवर चैंबर
की मरम्मत और
सेप्टिक टैंक की सफाई कराई
जाएगी। इन कार्यों
से जल निकासी
और स्वच्छता व्यवस्था
में भी सुधार
होगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे कराए जाएंगे, ताकि जीडीए की कालोनियों में रहने वाले लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके और उन्हें मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ प्राप्त हो सके।