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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर
यूनिवर्सिटी में स्थित नाथ चंद्रावत हॉस्टल को ध्वस्त कर नए हॉस्टल के निर्माण की
तैयारी शुरू कर दी गई है। राजकीय निर्माण निगम की रिपोर्ट में करीब 70 साल पुराने इस भवन को पूरी तरह अनफिट और असुरक्षित बताया
गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन जल्द ही नए निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजेगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल के सर्वे और जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी उप्र राजकीय निर्माण निगम को दी थी।
सर्वे के बाद निगम ने साफ किया कि भवन अपनी उपयोग अवधि पूरी कर
चुका है। मरम्मत पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद हादसे की आशंका बनी
रहेगी। इसी कारण भवन को गिराकर नया हॉस्टल बनाने की सिफारिश की गई है।
145 कमरों में रहते थे करीब 300 छात्र DDU की स्थापना के
समय बने इस हॉस्टल में करीब 145
कमरे थे, जहां लगभग 300 छात्र रहते थे।
यह यूनिवर्सिटी का सबसे पुराना और बड़ा हॉस्टल रहा है। करीब साढ़े तीन साल पहले
प्रशासन ने इसे खाली कराया था और जीर्णोद्धार की बात कही थी, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका।
हॉस्टल खाली
होने के बाद यहां लंबे समय तक पीएसी का कैंप संचालित होता रहा। इसे हटाने के लिए
छात्र संगठनों ने लगातार विरोध किया। कुछ महीने पहले कैंप हटाया गया, जिसके बाद छात्रों को उम्मीद थी कि नए सेशन से आवंटन शुरू
होगा।
नए सेशन में भी
नहीं मिलेगा हॉस्टल छात्रों की यह
उम्मीद अब पूरी नहीं होगी। नए हॉस्टल के निर्माण तक आवंटन शुरू नहीं किया जाएगा।
फिलहाल यूनिवर्सिटी में छह पुरुष और दो महिला हॉस्टलों में ही छात्रों की व्यवस्था
की जा रही है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि राजकीय निर्माण निगम की रिपोर्ट के आधार पर भवन को रहने लायक नहीं पाया गया है। ऐसे में पुराने हॉस्टल को ध्वस्त कर नया बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।