गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
चिड़ियाघर में पेड़ों का बना ‘आधार कार्ड’, QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी, पौधों को मिल रही डिजिटल पहचान
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर के शहीद अशफाक
उल्ला खां प्राणि उद्यान में एक खास पहल शुरू की गई है। अब तक आपने लोगों के पहचान
पत्र के बारे में सुना होगा, लेकिन अब पेड़ों की भी अपनी
पहचान होगी। यहां लगाए गए पौधों और पेड़ों पर ID कार्ड लगाए जाएंगे। इन
कार्ड में पेड़ का नाम, उसकी प्रजाति और पूरी जानकारी दर्ज रहेगी।
साथ ही QR कोड की मदद से
कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर उस पेड़ की पूरी जानकारी देख सकेगा। इस पहल की शुरुआत
व्यापारी नेता आलोक अग्रवाल की ओर से की गई है। मकसद है कि लोग सिर्फ पौधे लगाने
तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बचाने और उनकी देखभाल के लिए भी आगे आएं।चिड़ियाघर में
लगाए जा रहे पौधे अब आम पौधों की तरह नहीं रहेंगे। हर पौधे का अपना पहचान पत्र
होगा। इसमें पौधे का नाम, उसकी किस्म और
वैज्ञानिक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा पौधों पर QR कोड लगाया जाएगा। जैसे ही कोई व्यक्ति मोबाइल से इस कोड को
स्कैन करेगा, उसके सामने पौधे से जुड़ी पूरी जानकारी आ जाएगी।
इससे लोग आसानी से जान सकेंगे कि यह कौन सा पेड़ है और इसकी क्या खासियत है।
Image Source Here...
जानवरों के साथ पेड़-पौधों
के बारे में भी जानेंगे लोग
चिड़ियाघर आने वाले लोगों
के लिए यह पहल काफी फायदेमंद होगी। अभी तक लोग यहां जानवरों को देखने आते थे, लेकिन अब उन्हें पेड़-पौधों की दुनिया को समझने का भी मौका
मिलेगा। खासकर बच्चों और स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए यह जगह सीखने का केंद्र
बनेगी। बच्चे किताबों में पढ़े गए पौधों को सामने देखकर उनके बारे में आसानी से
जानकारी ले सकेंगे।
आलोक अग्रवाल ने बताया कि
अक्सर लोग पौधारोपण करते हैं, लेकिन कुछ समय
बाद लगाए गए पौधों की देखभाल नहीं हो पाती। कई पौधे बिना देखरेख के खराब हो जाते
हैं। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से हर पौधे की पहचान रहेगी। पौधा कहां लगा है
और उसकी स्थिति कैसी है, इसकी निगरानी
की जा सकेगी। इससे पौधों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
Image Source Here...
पर्यावरण को तकनीक से
जोड़ने की कोशिश
इस पहल में
पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ा गया है। मोबाइल और QR कोड की मदद से लोग आसानी से पेड़ों के बारे में जानकारी
हासिल कर सकेंगे। इससे लोगों में पेड़ों के प्रति लगाव बढ़ेगा और वे पर्यावरण को
बचाने के लिए ज्यादा जागरूक होंगे।
चिड़ियाघर के मुख्य
चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने इस प्रयास को एक बेहतर कदम बताया है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे चिड़ियाघर सिर्फ घूमने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को प्रकृति के बारे में जानकारी देने वाला
केंद्र भी बनेगा। पेड़ों को पहचान देने की यह पहल आने वाले समय में दूसरे शहरों के
लिए भी उदाहरण बन सकती है। तकनीक और पर्यावरण को जोड़कर पौधों को बचाने की दिशा
में यह एक नई कोशिश है।
Share On :
×
13:28
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में CM योगी 3 दिन विशेष अनुष्ठान करेंगे:कल महानिशा पूजा-हवन करेंगे, विजयादशमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे
गोरखपुर : पंडालों में खुले पट: सिविल लाइन्स और बेतियाहाता में 21 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण
गोरखपुर : रामगढ़ताल में कूदी महिला, दो राहगीरों ने बचाई जान
गोरखपुर : साइबर थाने को मिला नया भवन, एडीजी ने किया उद्घाटन
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किया बाबा गोरक्षनाथ जी और गुरु महंत अवैद्यनाथ जी के दर्शन।