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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। चिलुआताल थाना क्षेत्र के शिवरिया गांव में
ट्यूशन टीचर पर छात्र के नाम पर फर्जी बैंक खाता खोलकर साइबर अपराध करने का आरोप
लगा है।
पीड़ित छात्र ने मामले में कार्रवाई न होने पर
मुख्यमंत्री जनता-दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला
संज्ञान में आने के बाद साइबर क्राइम थाने ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवरिया निवासी सुधाकर यादव को उस समय पूरे
मामले की जानकारी हुई जब थाना साइबर क्राइम थाना जौनपुर से उन्हें एक संदिग्ध बैंक
खाते के संबंध में नोटिस मिला।
छानबीन करने पर पता चला कि उनके नाम से इंडसइंड
बैंक की सिविल लाइंस शाखा में एक बैंक खाता संचालित है। जबकि सुधाकर का कहना है कि
उन्होंने कभी उक्त बैंक में खाता नहीं खुलवाया। पीड़ित के अनुसार, फर्जी खाते में उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड
लगाया गया है, लेकिन पिता के नाम के स्थान पर माता का नाम
दर्ज है। खाते में अंकित मोबाइल नंबर, पता और जीमेल आईडी
भी उनके नहीं हैं। उन्हें न पासबुक मिली, न चेकबुक और न ही
एटीएम कार्ड।
सुधाकर यादव ने आरोप लगाया है कि उनके ट्यूशन
टीचर तिवारीपुर के सूरजकुंड सूर्यविहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद शाहरुख ने अगस्त 2023 में केवाईसी कराने के नाम पर उनका आधार और पैन
कार्ड लिया था। शिक्षक ने उन्हें बताया था कि केवाईसी अपडेट कराने पर पीएम की
योजना के तहत 2000 रुपये खाते में आएंगे। कुछ समय बाद सुधाकर के
वास्तविक खाते, जो बैंक ऑफ बडौदा की बैंक रोड शाखा में है, में 2000 रुपये जमा हुए।
उन्होंने इसे सरकारी योजना का लाभ समझा। बाद
में जांच में पता चला कि यह रकम किसी योजना की नहीं, बल्कि स्वयं शिक्षक
द्वारा ट्रांसफर की गई थी। जानकारी के बाद उन्होंने थानाप्रभारी से लेकर एसएसपी तक
गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद
उन्होंने बीते 11 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री
जनता-दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थनापत्र देकर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर
एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ट्यूशन टीचर ने कई छात्रों के नाम से भी खोल
रहे हैं खाते पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने साथ पढ़ने
वाले अन्य छात्रों से बात की तो पता चला कि कई छात्रों के साथ भी इसी तरह के फर्जी
खाते खोलने और साइबर लेनदेन का मामला सामने आया है। कई छात्रों को अलग-अलग साइबर
थानों से नोटिस मिला हैं। आरोप है कि मोहम्मद शाहरुख पिछले डेढ़ वर्ष से फरार है।
उनके पिता की घासी कटरा चौराहे के पास फर्नीचर
की दुकान है, जहां वह सुबह-शाम ट्यूशन पढ़ाते थे। सुधाकर का
दावा है कि जब वह आरोपी के घर और दुकान पर पहुंचे तो उनके पिता ने 30 हजार रुपये लेकर जौनपुर का मामला निपटाने की
बात कही। इस कथित बातचीत का वीडियो साक्ष्य भी पीड़ित के पास मौजूद है।
इस संंबंध में साइबर क्राइम थाने के सीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि साइबर सेल की टीम हर बिंदु पर जांच कर रही है। बैंक खाते की संदिग्ध लेन देने के साथ ही ट्यूशन टीचर की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।