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Friday, 3rd April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क।
गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल
में गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी अल्ट्रासाउंड जांच अब आसान नहीं रही है। स्वास्थ्य
विभाग की ओर से बजट न मिलने के कारण सितंबर महीने से निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को
दिए जाने वाले वाउचर बंद कर दिए गए हैं। इससे जिले भर की गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी
का सामना करना पड़ रहा है। पहले हर महीने 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं
को अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जाती थी, लेकिन यह व्यवस्था पिछले पांच महीनों से पूरी
तरह बंद है।
वाउचर सिस्टम बंद होने
के बाद अब पूरे जिले में सरकारी अल्ट्रासाउंड की सुविधा केवल 4 जगहों तक सीमित रह गई
है। जिसमें जिला महिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, चौरी चौरा व सहजनवा केंद्र शामिल है।
जिला महिला अस्पतालमें रोजाना करीब 100 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की जा
रही है, जबकि जिले की जरूरत इससे कहीं ज्यादा है।
पहले स्वास्थ्य विभाग
निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को प्रति जांच 425 रुपये का भुगतान वाउचर के जरिए करता
था। इससे जिले के सभी ब्लॉकों की महिलाएं अपने नजदीकी केंद्र पर आसानी से जांच करा
लेती थीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बजट पिछले पांच महीनों से न मिलने के कारण यह
पूरी व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।
इसका सीधा असर गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि समय पर अल्ट्रासाउंड न होने से जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इस मामले में एडिशनल सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि शासन स्तर से अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही इसके आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही वाउचर और टोकन सिस्टम के माध्यम से निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच की सुविधा फिर से शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा फिलहाल मैनुअल वाउचर की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि महिलाओं को राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जल्द ही यह सेवा दोबारा शुरू होगी और गर्भवती महिलाओं को फिर से सुविधा मिलने लगेगी।