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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखनाथ थाना क्षेत्र के वजीराबाद कॉलोनी स्थित
घर के अंदर रेलवे के सीनियर टेक्नीशियन अफरोज आलम की सोते समय हत्या कर दी गई थी। 24
मई 2023
की रात तलवार
से गर्दन काटकर रेलकर्मी को मारा गया था। इस घटना में पुलिस ने रेलकर्मी की पत्नी
शादिया और 3 युवकों को
हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
करीब 33
माह बाद सिविल
कोर्ट में इसका फैसला आया है। इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ADJ/FTC-
II ने अपना फैसला
दिया है। जिसके अनुसार, रेलकर्मी की पत्नी शादिया के खिलाफ हत्या का कोई साक्ष्य
नहीं मिला। इसलिए उसे निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया गया। शादिया पर हत्या की
साजिश रचने का आरोप लगा था।
कोर्ट ने इस
मामले में हुमायूपुर उत्तरी निवासी इरशाद उर्फ दिलशाद और दिग्विजयनगर कालोनी
निवासी इरफान अंसारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। इतने कम दिनों में सजा दिलाने
में एडीजीसी रमेश कुमार सिंह का अहम योगदान रहा। पुलिस ने ऑपरेशन कनविक्शन अभियान
के तहत इस केस में तेजी से गवाही कराई।
मामले में
नाबालिग नीट छात्र मुख्य आरोपी है। इसके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई चल
रही है। बहुत जल्द इस पर भी फैसला आ सकता है।
ढाई साल बाद जेल से छूटी शादिया
रेलकर्मी के
हत्या से दोषमुक्त होते ही शादिया को जेल से रिहा कर दिया गया। जिला कारागार में
हत्या की घटना के बाद से ही बंद थी। वह करीब ढाई साल तक महिला बैरक में थी। जेलर
अरुण कुमार ने बताया कि इस दौरान कभी शादिया की कोई शिकायत नहीं मिली। वह जेल में
सिलाई करती थी। सबसे मिलजुलकर रहती थी। जेल से शादिया को रिहा किया गया।
इस दौरान कई महिला बंदी रोने लगीं। उसे जेल की बैरक के बाहर तक छोड़ने आई थीं।
गोरखनाथ
क्षेत्र के जटेपुर उत्तरी निवासी 50 वर्षीय अफरोज आलम अंसारी रेलवे में सीनियर
टेक्नीशियन थे। वर्ष 2012 में वजीराबाद कालोनी में भूमि खरीदे और पांच मंजिला मकान
बनवाकर पत्नी शादिया अंसारी के साथ रहते थे। उन्हें कोई बच्चा नहीं था। मकान के
निचले तल पर वह रहते थे, जबकि चारों मंजिल के 15 कमरों को किराये पर दिए थे।
24 मई वर्ष 2023 की रात में दो बजे शादिया ने अफरोज के सबसे छोटे
भाई जावेद अंसारी के मोबाइल फोन पर हत्या की जानकारी दी। जावेद अन्य भाइयों के साथ
मौके पर पहुंचे तो कमरे की लाइट बंद थी। लाइट जलाने पर अफरोज का शव बेड से नीचे
खून से लथपथ पड़ा था। उनकी गला रेत कर हत्या की गई थी। इस बीच पुलिस भी मौके पर
पहुंच गई। तत्कालिन एडीजी अखिल कुमार, एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर व एसपी सिटी कृष्ण कुमार
विश्नोई ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
भाई ने रेलकर्मी की पत्नी पर दर्ज कराई एफआईआर
घटना के अगले
दिन 25 मई को गोरखनाथ
थाने में रेलकर्मी के भाई जावेद अंसारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि शादिया ने
महराजगंज जिले के रहने वाले नीट छात्र और मोहल्ले के अरशद के साथ मिलकर हत्या की
है। नीट छात्र के साथ रहने के लिए उसने ऐसा किया। आरोप लगाया कि शादिया ने कई बार
अफरोज आलम को रास्ते से हटाने की धमकी दी थी। रात 1:30 बजे योजनाबद्ध तरीके से इन
लोगों ने तलवार से गला रेतकर हत्या कर दी।
सीसी कैमरे में कैद हुए आरोपी
घर में लगे सीसीटीवी कैमरे
में हत्यारोपी कैद हो गए। फुटेज देखने के बाद पुलिस ने नीट छात्र को पहचान लिया।
फुटेज में दिख रहे युवक आधी रात को पहुंचते हैं। गेट के पास खड़े होकर वह फोन करते
हैं। गेट खुलने के बाद पहले सीढ़ी के रास्ते ऊपर जाते हैं और फिर नीचे आते हैं।
पुलिस की जांच में पता चला कि गेट को अरशद ने खोला था।
पांच भाइयों में बड़े थे अफरोज
अफरोज पांच
भाइयों में सबसे बड़े थे। उनसे छोटे फिरोज, परवेज, सब्बू और जावेद जटेपुर उत्तरी स्थित पुराने मकान
में परिवार के साथ रहते हैं। वहां पर भी अफरोज का आना-जाना था। इसे लेकर पत्नी से
उनका कई बार विवाद हुआ था। छह माह पहले सादिया अपने मायके रसूलपुर चली गई थी।
अफरोज की तबीयत खराब होने पर फिर लौटी और तबसे साथ थी।
छह माह पहले की थी कोर्ट मैरेज
गोरखनाथ के रसूलपुर मोहल्ले की रहने वाली शादिया से रेलकर्मी अफरोज का प्रेम संबंध 10 वर्ष से था। घटना से छह माह पूर्व कोर्ट मैरेज करने के बाद दोनों वजीराबाद स्थित मकान में साथ रहते थे। आरोप लगाया था कि इसी दौरान शादिया की नजदीकी किरायेदार अरशद व महराजगंज के 17 साल के नीट छात्र से हो गई। हिरासत में लिए गए किरायेदारों ने पुलिस को बताया कि सादिया को शक था कि अफरोज का किसी अन्य महिला से भी प्रेम-संबंध है, जिसे लेकर कई बार विवाद हुआ था।