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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान
संस्थान (एम्स) गोरखपुर की ओपीडी में लगी एकमात्र एक्सरे मशीन अचानक खराब हो गई।
मशीन ठप होते ही करीब 200 से अधिक
रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक
सेंटरों में एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ा, वहीं कई
रोगियों के एक्सरे के लिए जमा किए गए रुपये भी फंस गए।
एम्स के मीडिया
प्रभारी डॉ. अरूप मोहंती ने बताया कि तकनीशियन को सूचना दे दी गई है ठीक होने की
उम्मीद है, साथ ही दूसरी मशीन भी जल्द
शुरू करा दी जाएगी।
दोपहर 12
बजे ठप हुई
मशीन, 228 जांच के बाद
लगी रोक
दोपहर करीब 12 बजे हुई उस समय तक 228 रोगियों का
एक्सरे हो चुका था, जबकि लगभग दो
सौ रोगी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मशीन खराब होने की जानकारी मिलने के
बावजूद कई लोग घंटों तक जांच के इंतजार में खड़े रहे।
मेडिकल कालेज
क्षेत्र के झुंगिया के रहने वाले 23 वर्षीय नीरू
कुमार बुधवार दोपहर अपनी मां के साथ एम्स की ओपीडी आए थे। उनको खेलते समय सीने में
चोट लग गई थी। पिछले कुछ समय से वह सीने में दर्द और सुबह सफेद बलगम आने की समस्या
से पीड़ित हैं। निजी अस्पताल में उपचार से उनको आराम नहीं हुआ। एम्स में पल्मोनरी
विभाग का पर्चा बनवाकर डाक्टर को दिखाया। जांच के बाद डॉक्टर ने कुछ दवाएं लिखीं
और पल्मोनरी फंक्शनिंग टेस्ट (पीएफटी) कराने की सलाह दी। कैश काउंटर पर शुल्क जमा
करने के बाद जब वह एक्सरे कराने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि एक्सरे मशीन खराब
है।
इसलिए जांच
नहीं हो पाएगी। इसके बाद उन्होंने ब्लड सैंपल दिया। पीएफटी के लिए 150 रुपये जमा कर जब जांच कराने पहुंचे तो वहां बताया गया कि
पहले एक्सरे रिपोर्ट लेकर आइए तभी पीएफटी होगी। आरोप लगाया कि एक्सरे विभाग में
कोई यह बताने वाला भी नहीं था कि मशीन कब तक ठीक होगी। नीरू को निजी केंद्र पर
जाना पड़ा। एम्स में चेस्ट एक्सरे का शुल्क 195 रुपये है, जबकि निजी केंद्रों पर 400 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़े।
रोगियों के आरोप
देवरिया निवासी संदीप मिश्र ने बताया कि पल्मोनरी विभाग में दिखाया तो एक्सरे कराकर आने को कहा गया। कैश जमा करने गए तो बताया गया कि एक्सरे मशीन खराब है। रोगी को बार-बार खांसी व बलगम आने की शिकायत है। बाहर एक्सरे कराने के बाद भी पीएफटी जांच नहीं हो सकी। कुशीनगर के यादवलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि रुपये जमा करने के बाद बताया गया कि एक्सरे मशीन खराब है। बाहर से एक्सरे कराने के पहले रुपये वापस करने का अनुरोध किया तो बताया गया कि जिस डाक्टर ने एक्सरे लिखा है उससे हस्ताक्षर कराकर ले आओ। डाक्टर ने मना कर दिया। बहुत दौड़े पर रुपये नहीं मिले।