BREAKING NEWS
गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
Default left Ad
Default right Ad
• desk • गोरखपुर / गगहा • 13-10-2026

न लालटेन की रोशनी भूले, न पुराना संकल्प, गंभीरपुर के रामलीला में 50 कलाकार बिना पैसे लिए करते हैं मंचन

गोरखपुर : आधुनिकता के दौर में जहां कई पुरानी परंपराएं धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं, वहीं गंभीरपुर गांव अपनी ऐतिहासिक रामलीला की विरासत को सहेजे हुए है। इस साल यहां रामलीला का 47वां आयोजन हो रहा है। इसकी खास बात यह है कि मंचन करने वाले सभी 50 कलाकार गांव के मूल निवासी हैं और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा के चलते बिना किसी पारिश्रमिक के अभिनय करते हैं। गंभीरपुर की रामलीला की शुरुआत वर्ष 1980 में गांव के संत स्व. शंभू शरण सिंह, गोरख सिंह, रमिन्द्र सिंह, स्व. बाबूराम भारती और नवनाथ भट्ट ने मिलकर की थी। उस समय शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। गांव की नई पीढ़ी पूरे उत्साह के साथ इसे आगे बढ़ा रही है। रामलीला शुरू होने से करीब एक महीने पहले ही कलाकारों का अभ्यास शुरू हो जाता है। सभी कलाकार अपने-अपने पात्रों के संवाद और अभिनय की तैयारी करते हैं। वर्तमान में आयोजन की जिम्मेदारी संतोष सिंह संभाल रहे हैं, जबकि समिति के अध्यक्ष मानसिंह हैं। समिति के 78 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य डॉ. महंत सिंह पुरानी यादें साझा करते हुए बताते हैं कि शुरुआती दौर में गांव में बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में कलाकार लालटेन की रोशनी में रामलीला का मंचन करते थे।उन्होंने बताया कि वर्ष 1980 में नवरात्र के पहले दिन गांव के लोगों ने हाथों में मिट्टी, पुष्प, दूध और जल लेकर संकल्प लिया था कि रामलीला की परंपरा को कभी रुकने नहीं देंगे। आज भी ग्रामीण उसी संकल्प को निभा रहे हैं। रामलीला में गांव के करीब 50 कलाकार अलग-अलग पात्र निभाते हैं। आयोजन में सबसे बुजुर्ग सदस्य 79 वर्षीय हारमोनियम वादक काली शंकर पाठक हैं, जो सिकरीगंज के बुढ़ैया गांव के निवासी हैं। वे अपने हारमोनियम और भजनों से मंचन को जीवंत बनाते हैं। पूरे 12 दिनों तक भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जाता है। समिति के अध्यक्ष मानसिंह का कहना है कि मंच पर पहुंचने के बाद कलाकार खुद को प्रभु के चरणों में समर्पित कर देते हैं। पात्र के अनुरूप संवाद, भाव और अभिनय प्रस्तुत करने के लिए विशेष तैयारी करनी पड़ती है। ग्रामीणों की रामलीला के प्रति गहरी आस्था है। उनका विश्वास है कि इसमें पात्र निभाना सौभाग्य की बात है। गंभीरपुर की यह परंपरा गांव की सांस्कृतिक विरासत, सामूहिक सहयोग और धार्मिक आस्था की मिसाल बनी हुई है।


Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
12:28
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में CM योगी 3 दिन विशेष अनुष्ठान करेंगे:कल महानिशा पूजा-हवन करेंगे, विजयादशमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे
गोरखपुर : पंडालों में खुले पट: सिविल लाइन्स और बेतियाहाता में 21 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण
गोरखपुर : रामगढ़ताल में कूदी महिला, दो राहगीरों ने बचाई जान
गोरखपुर : साइबर थाने को मिला नया भवन, एडीजी ने किया उद्घाटन
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किया बाबा गोरक्षनाथ जी और गुरु महंत अवैद्यनाथ जी के दर्शन।