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Wednesday, 1st April, 2026
गोला
रूरल न्यूज नेटवर्क। नायब तहसीलदार
उरुवा की अदालत में बहस के दौरान एक अधिवक्ता के साथ मारपीट का मामला सामने आया
है। पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर गोला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की
धारा 352 और 110 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोला थाना
क्षेत्र के अवरुस निवासी अधिवक्ता रणविजय चंद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 13 मार्च को वे अपने मुवक्किल के मुकदमे की पैरवी के लिए नायब
तहसीलदार उरुवा की अदालत गए थे। वहां कुशलदेइया निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी
भी मौजूद थे। तहरीर के अनुसार, बहस के दौरान
किसी बात को लेकर मनोज कुमार तिवारी ने रणविजय चंद को अपशब्द कहे।
जब रणविजय चंद
ने इसका विरोध किया, तो आरोपी
अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी ने पास पड़ी टूटी कुर्सी का पाया निकालकर उन पर हमला
कर दिया और मारपीट करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी ने उन्हें
जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे अचेत
हो गए।
घटना के समय मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव कर रणविजय चंद को बचाया। इसके बाद आरोपी मौके से चला गया। इस मामले में दूसरे पक्ष के अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी ने भी पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन अभी तक उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। थाना प्रभारी राकेश रौशन सिंह ने पुष्टि की कि अधिवक्ता रणविजय चंद की तहरीर पर बीएनएस की धारा 352 और 110 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।