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गोरखपुर / जंगल कौड़िया
12-Jun-2026 04:10 PM
चिलुआताल को टेकओवर करेगा GDA, CM के निर्देश पर शुरू हुई पहल, पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेंगे
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर के
रामगढ़ताल की तर्ज पर ही शहर के चिलुआताल का संरक्षण भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद
प्राधिकरण इसे टेकओवर करेगा।
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यहां पर्यटन विभाग की ओर से
पहले चरण का काम कराया गया है। GDA अब इसे पर्यटन
केंद्र के रूप में विकसित करेगा। ताल में पर्यटकों को लुभाने के लिए रोमांचकारी
गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ने पिछले दौरे में ही चिलुआताल के पर्यटन विकास एवं सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा
करते हुए जीडीए को इसे टेकओवर कर रखरखाव, सफाई और भविष्य
की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे, जिसपर अब अमल
शुरू हो गया है।
पहले चरण में चिलुआताल में
फैली जलकुंभी की प्रभावी सफाई कराने और जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित
रखने के लिए कार्ययोजना तैयार होगी।
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20.35 करोड़ खर्च कर
हुआ पहले चरण का काम
पर्यटन विभाग
ने चिलुआताल के विकास और सुंदरीकरण पर 20.35 करोड़ रुपये से
अधिक की लागत से विभिन्न कार्य कराए हैं। जिनका हाल ही में मुख्यमंत्री ने
लोकार्पण किया। परियोजना के तहत पक्का घाट, वाकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश
व्यवस्था, शौचालय, लैंडस्केपिंग
और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई है।
अगले चरण में जीडीए यहां
पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करेगा। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि
चिलुआताल को ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया
जाएगा। इसके लिए नौकायन, जलक्रीड़ा, मनोरंजन सुविधाएं, आकर्षक तटविकास
और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन ढांचा तैयार करने की संभावनाओं पर काम होगा।
20 मेगावाट क्षमता
का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित होगा
चिलुआताल में ही कोल इंडिया
की ओर से लगभग 134 करोड़ रुपये की लागत से 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना की
जाएगी। राज्य सरकार की ओर से इसको मंजूरी दे दी गई है। इससे यह क्षेत्र पर्यटन के
साथ-साथ हरित ऊर्जा उत्पादन का भी केंद्र बनेगा।
इससे चिलुआताल की पहचान
राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि यदि
रामगढ़ताल की तरह यहां भी सुनियोजित ढंग से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया गया
तो चिलुआताल पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण केंद्र बन सकता है।