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Wednesday, 1st April, 2026
जंगल कौड़िया
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रूरल न्यूज नेटवर्क।
मुंबई
की प्रिया शेट्टी (35) की गोरखपुर में हत्या की गई। उसकी जिंदगी में आया पहला प्यार
ही मौत का कारण बना। मुंबई में जिस विजय के साथ वो लिव-इन में रही। वही विजय बेटे का
बाप बनने के सिर्फ 1 साल बाद ही प्रिया से दूर हो गया।
दोनों के बीच नाराजगी
कुछ ऐसी हुई कि 9 साल तक दोनों ने एक-दूसरे की जिंदगी में झांका तक नहीं। इस बीच विजय
की संध्या से शादी हुई और वो 2 बेटियों का पिता बना।
2022 में वो अपनी पत्नी और बेटियों को लेकर मुंबई शिफ्ट हो गया। दोनों बेटियों का नाम कॉन्वेंट स्कूल में लिखवाया। यहीं से उसकी जिंदगी में यूटर्न आया। इंस्टाग्राम पर 1 बार फिर उसकी मुलाकात अपने पहले प्यार प्रिया से हुई। दोनों मिलने लगे, साथ रहने भी लगे। अब प्रिया विजय पर 2 तरह के दबाव बनाने लगी। पहला- बेटे को बाप का नाम दो। दूसरा- बेटे का अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन कराओ।
विजय को दुनिया के सामने
2 शादियां दिखाना गंवारा नहीं था। इसलिए वो प्रिया को 1680 Km दूर गोरखपुर लाया और
बेरहमी से उसे मार डाला। इस बनती-बिगड़ती लव स्टोरी में न तो प्रिया के बेटे को हक मिल
सका, न ही विजय ही पत्नी संध्या के साथ जिंदगी जी सकेगा। हत्या के वक्त उससे हुई कुछ
गलतियों ने उसे कानून के फंदे में फंसा दिया। विजय, पत्नी संध्या और उसके ससुर को पुलिस
ने जेल भेजा है।
इंश्योरेंस ऑफिस में
प्यार, फिर 1 साल का लिव-इन
गोरखपुर के सहजनवां इलाके
के माडर गांव का रहने वाला विजय कुमार साहनी पढ़ने में शुरू से ही तेज था। वह लंबे समय
से मुंबई के चारकोप, कांदिवली में रह रहा था। वहीं से उसने पढ़ाई भी पूरी की थी। विजय
ने हाईस्कूल और कॉमर्स से ग्रेजुएशन मुंबई में अपने बड़े भाई के पास रहकर किया। साल-
2012 में उसे HDFC लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिल गई। वहां वेकेंसी ओपन हुई,
तो प्रिया शेट्टी भी पहुंची। तब विजय साहनी से उसकी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों
का अच्छा परिचय हो गया। एक महीने में ही दोनों बेहद नजदीक आ गए। विजय भी प्रिया की
खूबसुरती का कायल हो चुका था। इसलिए उसने किराए का घर लिया। इसमें वह लिव-इन में प्रिया
के साथ रहने लगा।
एक साल तक दोनों खुशी-खुशी
साथ रहे। इसी बीच प्रिया प्रेग्नेंट हो गई। तब विजय ने एक मंदिर में जाकर प्रिया से
शादी कर ली। प्रिया विजय के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगी थी। साल 2013 में
प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। इस दौरान विजय भी साथ था। लेकिन, इसी बीच विजय के स्वभाव
में बदलाव आने लगा था। उसका मन अब प्रिया से भर गया था। किसी भी तरह उससे दूरी बनाना
चाहता था।
दोनों के बीच छोटी-छोटी
बात पर झगड़े होने लगे। एक दिन विजय घर छोड़कर चला गया। उसने कहीं और किराए पर घर ले
लिया। परिचितों की सलाह देने पर उसने हमेशा के लिए प्रिया से पीछा छुड़ाने के लिए तलाक
का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
कोर्ट से एक नोटिस प्रिया
के पते पर भी गया। लेकिन, इससे पहले प्रिया उस किराए के घर से कहीं और जा चुकी थी।
इसलिए तलाक की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई।
विजय के गोरखपुर
लौटने और दूसरी शादी की कहानी
2 साल बाद विजय ने घर
आकर संध्या से दूसरी शादी की साल- 2013 के बाद विजय का प्रिया से संपर्क नहीं हुआ।
अब उसे लग रहा था कि वह हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुकी है। वह 2014 में अपने
गांव आया। यहां पर घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। 2015 में पीपीगंज की संध्या से उसकी
शादी हुई।
दोनों खुशी-खुशी साथ
रहने लगे। विजय और संध्या की 2 बेटियां हुईं। इस दौरान विजय की नौकरी मुंबई में ही
चल रही थी। इश्योरेंस सेक्टर में उसने अच्छी तरक्की की। धीरे-धीरे वह 1.5 लाख महीने
की सैलरी तक पहुंच गया।
2019 में विजय गांव आया
और यहीं से इश्योरेंस का काम करने लगा। 2022 में उसने तय किया कि संध्या और दोनों बेटियों
के साथ दोबारा मुंबई जाएगा और वहीं रहेगा। फिर दोबारा मुंबई चला गया। यहां उसने दोनों
बेटियों का एडमिशन कॉन्वेंट स्कूल में कराया। एक अच्छी कॉलोनी में घर किराए पर लिया।
इस तरह से हैप्पी मैरिज लाइफ जीने लगा।
पुराना प्यार प्रिया
की लाइफ में वापसी, विजय पर बना दबाव
बेटे के लिए विजय ने
पैसा देना शुरू किया, फिर साथ रहने लगे ऑफिस में एक दिन काम करते हुए विजय को इंस्टाग्राम
पर प्रिया की एक रील नजर आई। उसने मैसेज करके प्रिया से हाल-चाल पूछा। यहीं से दोनों
की दोबारा बातचीत शुरू हो गई। विजय को पता चला कि उसका बेटा 9 साल का हो चुका है। ये
भी पता चला कि प्रिया की माली हालत ठीक नहीं। वह घर चलाने के लिए लोगों के घरों में
खाना बनाती है।
तब विजय ने अपने बेटे
के लिए प्रिया को पैसा देना शुरू किया। प्रिया शराब बहुत पीती थी। इसलिए जल्द ही वह
विजय को अपने घर भी बुलाने लगी। विजय और प्रिया दोनों घर में ही शराब पीते और साथ रहने
लगे।
ये सब धीरे-धीरे संध्या
को पता चलने लगा, क्योंकि कई-कई दिन विजय घर लौटकर नहीं आता था। संध्या को विजय के
मोबाइल से प्रिया के बारे में पता चला। विजय भी अब संध्या को धोखा नहीं देना चाहता
था। इसलिए उसने दोनों महिलाओं की मुलाकात भी कराई। लेकिन, इससे हालात और बिगड़ गए।
बच्चों के भविष्य से
शुरू हुआ आखिरी टकराव पुलिस के मुताबिक, संध्या के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे
थे, जबकि प्रिया का बेटा सरकारी स्कूल में था। बच्चों के हक और भविष्य को लेकर झगड़ा
बढ़ गया। साल- 2025 में संध्या ने यह बात अपने पिता रामबिलास को बताई। इसके बाद सबने
कहा कि ठीक है, तुम लोग वहां अकेले हो। एक काम करो, प्रिया को गोरखपुर लेकर आओ। यहीं
पर परिवार बैठकर फैसला कर लेगा कि आगे करना क्या है?
गोरखपुर बुलाकर रची
गई हत्या की साजिश
वारदात से 4 दिन पहले
26 जनवरी को तीनों ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। पहला दिन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिताया।
अगले दिन बुढ़िया माई स्थान और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए। फिर विजय ने संध्या और
प्रिया के साथ होटल के कमरे में शराब पी। विजय 8 बोतल शराब लाया था। इसके बाद ऑटो से
पीपीगंज सभी पहुंचे, यहां संध्या की ससुराल है।
यहां ऑटो चालक से विवाद
हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑटो को वहीं छोड़ दिया। संध्या ने अपने घर कॉल की, तो उसके पिता
की स्कूटी परिवार का एक सदस्य उन लोगों को दे गया। स्टेशन रोड के CCTV में तीनों इसी
स्कूटी पर जाते दिखे थे।
रात करीब 10 बजे तीनों
स्कूटी से सहजनवां की ओर निकले। रास्ते में नशे की हालत में प्रिया हंगामा करने लगी।
इसी दौरान विजय और संध्या ने उसे घर न ले जाकर हत्या की योजना बना ली। सुनसान स्थान
पर नशे में बेसुध प्रिया की गर्दन दबाकर हत्या कर दी।
लेकिन, दोनों को डर था
कि वो पकड़े जाएंगे। इसलिए विजय ने प्रिया के शरीर से वो सारी चीजें हटा दीं, जिससे
उसकी पहचान हो सकती थी। यही वजह है, पुलिस को प्रिया की बॉडी न्यूड मिली थी। उसके चेहरे
पर ईंट से 8 से 10 बार प्रहार किया, जिससे चेहरा बिगड़ जाए। इसके बाद विजय पत्नी के
साथ ससुराल आ गया।
दूसरे दिन सुबह उठकर
विजय ने अपने चेहरे की दाढ़ी और सिर के बाल हटवा दिए। जिससे अगर CCTV में कहीं उसका
चेहरा दिखे भी, तो पहचाना न जाए।
ऑटो ड्राइवर ने पुलिस
को दिया पहला क्लू
SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र
प्रसाद ने बताया- 30 जनवरी को पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे एक महिला की न्यूड लाश
मिली थी। इसके बाद CCTV और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस
की एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई। इसी बीच घटना वाली रात CCTV में एक स्कूटी
पर 3 लोग जाते दिखे। संदिग्ध मानकर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।
पहला क्लू एक ऑटो वाले से मिला। जिसने मरने वाले साथ एक पुरुष और महिला को देखा था। यही क्लू धीरे-धीरे हमें विजय और संध्या तक लेकर गया। आखिरकार उन्होंने अरेस्टिंग के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया है।