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Thursday, 4th June, 2026
कैम्पियरगंज
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रूरल न्यूज नेटवर्क। कैम्पियरगंज तहसील मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी (सपा) के
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन
किया। सपाईयों ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा
में धांधली और किसानों को हो रही खाद की किल्लत जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर
महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान
कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और दमनकारी नीतियों को बंद करने की मांग
की।
सपा के पूर्व जिला
उपाध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि इस लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचलने के
लिए प्रशासन ने दमनकारी रुख अपनाया। बुधवार की रात में ही पुलिस ने विधानसभा
अध्यक्ष सुरेंद्र मौर्य समेत कई वरिष्ठ नेताओं के घरों को छावनी में बदल दिया और
उन्हें नजरबंद करने का प्रयास किया। सपा नेताओं का दावा है कि पुलिस की सख्त
निगरानी और भारी दबाव के बावजूद, गुरुवार को क्षेत्र के
हजारों कार्यकर्ता सभी बाधाओं को पार करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे और सरकार के
खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। विधानसभा
अध्यक्ष सुरेंद्र मौर्य की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा
कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और
खाद्य पदार्थों के आसमान छूते दामों ने आम जनता और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है और हाल ही में हुई नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक व धांधली के आरोपों ने देश के लाखों
छात्रों और अभिभावकों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। सपाइयों ने इस पूरे मामले
की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सपा नेताओं ने तहसील प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को अवगत कराया कि क्षेत्र के किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और बाजार में डीजल-पेट्रोल का संकट खड़ा किया जा रहा है। इसके अलावा, स्थानीय जनहित के मुद्दे को उठाते हुए सपा ने मांग की कि कैम्पियरगंज क्षेत्र के करमैनी में राप्ती नदी पर बने पुल के दोनों ओर तुरंत सुरक्षा जाली लगाई जाए, ताकि वहां आए दिन होने वाली आत्महत्या की घटनाओं को रोका जा सके।