बजट से गोरखपुर को मिलेगी रफ्तार, माडर्न होगा खजनी का कंबल उत्पादन केंद्र
रूरल न्यूज नेटवर्क। यूपी
के बजट में गोरखपुर को राज्य
स्मार्ट सिटी योजना
के तहत विकास
करने के लिए 7
शहरों की सूची में शामिल
किया है। ग्राम
उद्योग को बढ़ावा
देने के उद्देश्य
से गोरखपुर जनपद
के खजनी स्थित
कंबल उत्पादन केंद्र
के आधुनिकीकरण के
लिए 7 करोड़ 50 लाख
रुपये के बजट का प्रावधान
किया गया है।
महिला सामर्थ्य योजना के
अंतर्गत प्रदेश में
5 मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों
के गठन का लक्ष्य रखा
गया है। जिसमें
गोरखपुर को भी शामिल किया
गया है।
इस योजना के
तहत गोरखपुर, बरेली
और रायबरेली में
कंपनियों का गठन
कर मिल्क प्रोडक्शन
कंपनी का कार्य
शुरू कर दिया गया है।
यहां दूध इकट्ठा
करने, उसे ठंडा
करने, प्रोसेसिंग और
उपभोक्ताओं तक पहुँचाने
की पूरी प्रक्रिया
की जाएगी।
ग्राम उद्योग को
बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोरखपुर
जनपद के खजनी स्थित कंबल
उत्पादन केंद्र के
आधुनिकीकरण के लिए
7 करोड़ 50 लाख रुपये
के बजट का प्रावधान किया गया
है। इस राशि से उत्पादन
केंद्र में नई और आधुनिक
मशीनें स्थापित की
जाएंगी, कार्यशाला भवन
का सुधार और
विस्तार किया जाएगा
तथा बेहतर गुणवत्ता
के कंबल तैयार
करने के लिए आवश्यक तकनीकी
सुविधाएं उपलब्ध कराई
जाएंगी। आधुनिकीकरण के
बाद उत्पादन क्षमता
में वृद्धि होने
की उम्मीद है,
जिससे स्थानीय कारीगरों
और बुनकरों को
अधिक रोजगार के
अवसर मिलेंगे। साथ
ही, उत्पादों की
गुणवत्ता बेहतर होने
से बाजार में
प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और
बिक्री में भी इजाफा होगा।
इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को
मजबूती मिलेगी और
खजनी का कंबल उद्योग नए
स्तर पर पहुंच
सकेगा।
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उत्तर प्रदेश का
दूसरा और पूर्वांचल
का पहला सैनिक
स्कूल स्थापित किया
जा रहा है, जिससे क्षेत्र
के विद्यार्थियों को
बेहतर और अनुशासित
शिक्षा का अवसर मिलेगा।
खेल सुविधाओं को मजबूत
करने के लिए गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय
स्तर का क्रिकेट
स्टेडियम बनाया जा
रहा है। इसके
निर्माण कार्य तेजी
से जारी है।
इससे न सिर्फ खिलाड़ियों को बेहतर
सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र
में खेल गतिविधियों
को भी बढ़ावा
मिलेगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं को
सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक
जिला अस्पताल में
इमरजेंसी और ट्रॉमा
सेंटर स्थापित किए
जाएंगे। इससे दुर्घटना
या गंभीर बीमारी
की स्थिति में
मरीजों को तुरंत
बेहतर इलाज मिल
सकेगा।
इसके अलावा, हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10
हजार टूरिस्ट गाइडों को कौशल विकास प्रशिक्षण देने का प्रावधान भी किया गया है।