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gorakhpur, cm, MMMUT 02-Jun-2026 01:11 PM

MMMUT के समर इंटर्नशिप में नई तकनीक सीखेंगे छात्र, AI से लेकर ड्रोन टेक्नोलॉजी का दिया जाएगा प्रशिक्षण, 1 जून-10 जुलाई तक मौका

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित छह सप्ताह के समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के विवेकानंद हॉल में आयोजित एक समारोह के साथ हुआ। यह छह सप्ताह का समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने की। इस अवसर पर कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रो. एस. के. सोनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की उपलब्धियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गतिविधियों तथा समर इंटर्नशिप कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि छह सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और वीएलएसआई डिजाइन एवं सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। विशेष रूप से गन्ने जैसी फसलों की खेती में ड्रोन तकनीक से उत्पादन और दक्षता बढ़ाई जा सकती है।

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वीएलएसआई इंटर्नशिप के प्रधान समन्वयक प्रो. आर. के. चौहान ने भारत सरकार की "चिप टू स्टार्टअप (सी2एस)" परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर और वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके बाद कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय एआई और अत्याधुनिक तकनीकों का युग है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने, उनकी नवाचार क्षमता विकसित करने और उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने तथा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रो. एस. के. सोनी ने कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, डॉ. राज कुमार सिंह ने प्रो. एस. के. सोनी तथा डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी को स्मृति चिह्न प्रदान किया।

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