BREAKING NEWS
गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
Default left Ad
Default right Ad
• gorakhpur, cm yogi, AIIMS • गोरखपुर / खोराबार • 25-05-2026

एम्स गोरखपुर में दो मासूमों में गंभीर थायराइड की पुष्टि, समय पर इलाज से टली न्यूरोलॉजिकल दिक्कत, बच्चों में बढ़ रहे डायबिटीज-थायराइड

रूरल न्यूज नेटवर्क। एम्स में दो साल से कम उम्र के दो मासूमों में गंभीर थायराइड की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से बच्चों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कत टल गई। यह बीमारी आमतौर पर इतनी कम उम्र के बच्चों में दुर्लभ मानी जाती है। दोनों बच्चों का इलाज एम्स गोरखपुर के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में चल रहा है।

Image Source Here...

थायराइड के कारण वे समय से बैठ या खड़े नहीं हो पा रहे थे। डॉक्टरों ने बताया कि यदि एक साल की भी देरी होती, तो बच्चों को गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती थीं। एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में छह से 15 साल के बच्चों में भी टाइप-वन डायबिटीज और थायराइड के मामले बढ़ रहे हैं। विभाग में हर महीने छह से आठ बच्चे टाइप-वन डायबिटीज से पीड़ित आ रहे हैं, जबकि इसी आयु वर्ग के 10 से 12 बच्चों में थायराइड की समस्या मिल रही है।

Image Source Here...

एम्स गोरखपुर के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबादित्य दास ने बताया कि टाइप-वन डायबिटीज और थायराइड की समस्या बड़े बच्चों में आम है, लेकिन तीन साल से कम उम्र के बच्चों में थायराइड मिलना बेहद दुर्लभ है। उन्होंने पुष्टि की कि विभाग की ओपीडी शुरू होने के बाद से अबतक दो ऐसे मासूम मिले हैं, जिनकी उम्र दो साल से कम थी और वे गंभीर थायराइड से पीड़ित थे।

डॉ. दास ने अभिभावकों को लक्षणों के प्रति सचेत रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यदि बच्चा छह महीने का होने पर भी उसकी गर्दन लचीली है, एक साल का होने पर बैठ नहीं पा रहा है, या डेढ़ साल तक खड़ा होकर चलने की कोशिश नहीं करता है, तो ऐसे बच्चों में थायराइड की समस्या हो सकती है। अगर एक साल की भी देरी होती तो बच्चों में दिमागी विकास प्रभावित हो सकता था और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं स्थायी रूप ले सकती थीं।

जन्म के समय स्क्रीनिंग से बच सकती हैं गंभीर बीमारियां

एम्स गोरखपुर के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबादित्य दास ने बताया कि जन्म के समय यदि नवजात की स्क्रीनिंग कर दी जाए तो थायराइड, शुगर समेत कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव है। एम्स में इसकी शुरुआत कर दी गई है और जन्म लेते ही बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के जरिए थायराइड, शुगर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की जांच की जा रही है। जिन बच्चों में बाद में बीमारी का पता चल रहा है, उनका भी इलाज किया जा रहा है और उनमें धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।

Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
12:52
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में CM योगी 3 दिन विशेष अनुष्ठान करेंगे:कल महानिशा पूजा-हवन करेंगे, विजयादशमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे
गोरखपुर : पंडालों में खुले पट: सिविल लाइन्स और बेतियाहाता में 21 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण
गोरखपुर : रामगढ़ताल में कूदी महिला, दो राहगीरों ने बचाई जान
गोरखपुर : साइबर थाने को मिला नया भवन, एडीजी ने किया उद्घाटन
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किया बाबा गोरक्षनाथ जी और गुरु महंत अवैद्यनाथ जी के दर्शन।