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Wednesday, 1st April, 2026
कौड़ीराम
रूरल न्यूज नेटवर्क।
गोरखपुर के चौरीचौरा
में पुलिस पर
बैरिकेडिंग तोड़कर हमला
करने वाले पिकअप
सवार पशु तस्करों
के गैंग लीडर
संजय को बेलीपार
पुलिस ने सोमवार
को अरेस्ट कर
लिया। आरोपी लोनी
गैंग का सरगना
है। इसपर पशु
तस्करी और पुलिस
पर हमले के मामले में
25 हजार रुपये का
इनाम था। एक साल से
पुलिस आरोपी की
तलाश कर रही थी।
पुलिस के अनुसार
संजय अपने गिरोह
के साथ चौरीचौरा
और झंगहा इलाके
में सक्रिय था
और घेराबंदी में
गाड़ी चढ़ाने की
कोशिश के बाद बेरिकेडिंग तोड़ते हुए
भाग गया था।
पुलिस की कार्रवाई
में अब तक तीन तस्करों
को जेल भेजा
जा चुका है,
जबकि तीन अन्य
को हिरासत में
लेकर पूछताछ की
जा रही है। इस कार्रवाई
के बाद गिरोह
से जुड़े कुल
08 तस्करों के नाम
सामने आए हैं।
पुलिस टीम पर
चलाए थे ईंट-पत्थर एसपी
साउथ दिनेश पूरी
ने बताया कि
15 सितंबर 2024 की रात
बेलीपार पुलिस द्वारा
चेकिंग के दौरान
संजय की अगुवाई
में पिकअप सवारों
ने पुलिस पर
ईंट-पत्थर और
वाहन से हमला किया था।
पिकअप अनियंत्रित होकर
गड्ढे में फंस गई थी।
उस समय एक
अभियुक्त और एक
बाल अपचारी को
गिरफ्तार कर पशु
बरामद किए गए थे, लेकिन
संजय अंधेरे का
फायदा उठाते हुए
भाग निकले थे।
संजय पर 25 हजार
का इनाम घोषित
था और पुलिस
की टीम उसकी
तलाश में जुटी
थी।
बेलीपार की घटना
में संजय का नाम भी
सामने आया और इसी वजह
से चौरीचौरा में
हुई घटना में
वह संदिग्ध था।
बेलीपार के कसिहार
निवासी संजय कुमार
पर हत्या, लूट,
चोरी और पशु तस्करी समेत
आठ मामले दर्ज
हैं। वह पहली बार 2021 में चोरी
के मामले में
जेल गया था।
जेल से छूटने
के बाद उसने
पशु तस्करी को
संगठित रूप से शुरू किया।
संजय पर दो बार गैंगस्टर
अधिनियम के तहत कार्रवाई हो चुकी है। वर्ष
2023 में खजनी क्षेत्र
में आटो चालक
राम सिंह की हत्या और
मोबाइल लूट के मामले में
वह जेल गया था। वर्ष
2024 में बेलीपार में गोवध
अधिनियम के तहत उस पर
25 हजार का इनाम घोषित किया
गया था।
संजय के गैंग
में आठ लोग हैं शामिल
संजय ने पूछताछ
में बताया कि
उसके गैंग में
आठ लोग शामिल
हैं। बदमाशों में
से दो का कोई आपराधिक
रिकॉर्ड नहीं था।
खलीलाबाद के जंगलउन
निवासी दिनेश और
खजनी के उनवल वार्ड निवासी
मिठाईलाल पहली बार
पशु तस्करी में
शामिल हुए थे। जबकि एक
छह का आपराधिक
इतिहास है। पुलिस उन
सभी की तलाश में दबिश
दे रही है। गैंग के
सभी साथी एक दूसरे के
रिश्तेदार है। जो
पहले चोरी लूट
जैसी वारदात को
अंजाम देते थे।
पुलिस की खास टीम
ने की गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों ने बताया
कि संजय की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम
गठित की गई थी। गगहा
क्षेत्र में हुई तीन चोरियों
के आसपास उसके
लोकेशन का पता चला और
पुलिस ने घेराबंदी
की।
संजय और उसके
साथियों ने पुलिस
पर हमला कर भागने की
कोशिश की, लेकिन
उसका साथी दिनेश
पकड़ लिया गया।
पुलिस अब गिरोह
के फाइनेंसर और
किराये की पिकअप
उपलब्ध कराने वाले
और मालिक की
तलाश में जुटी
है।
गैंग में ये लोग
हैं शामिल
खजनी के उनवल वार्ड नंबर 7 निवासी मिठाई लाल, संतकबीरनगर के खलीलाबाद बऊरहवा निवासी गुड्डू, गगहा के देउदवीर निवासी मंदनी, गगहा के देउरवीर निवासी अजय उर्फ मंगरू, बांसगांव के कौड़ीराम निवासी राजन, बेलीपार के कसीहरा निवासी संजय, मऊ के घोसी पांडेयपुर निवासी चंदन और संतकबीनगर के खलीलाबाद जंगलऊन निवासी दिनेश जाटव शामिल हैं। इनमें पुलिस ने गैंग सरगना संजय, चंदन और दिनेश जाटव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।