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Thursday, 4th June, 2026
पाली
रूरल न्यूज नेटवर्क। पूर्वांचल
विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने भ्रष्टाचार
के आरोप में पाली उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता (JE) सुशील कुमार को
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विद्युत वितरण मंडल (ग्रामीण)
द्वितीय के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
विभागीय पत्र और दो सदस्यीय
जांच समिति की रिपोर्ट में जेई को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। यह मामला घघसरा उपखंड के
पाली विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा है।
जेई सुशील कुमार पर एक
स्थानीय ईंट भट्ठा संचालक से तीन किलोवाट का कमर्शियल कनेक्शन देने के नाम पर
निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त 50 हजार रुपये
रिश्वत लेने का आरोप है। उपभोक्ता ने जेई के कहने पर पूरी रकम दे दी थी।
हालांकि, रिश्वत लेने के बावजूद कनेक्शन के लिए आवश्यक पोल लगाने का
काम टाल दिया गया। जेई ने पोल उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर काम को करीब तीन महीने
तक लटकाए रखा।
जब उपभोक्ता को जेई के
स्थानांतरण की जानकारी मिली, तो उसने पोल
लगाने या पैसे वापस करने की मांग की। इस पर जेई लगातार टालमटोल करता रहा, जिससे यह पूरा मामला उजागर हो गया।
शिकायत मिलने के बाद विभाग
ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच रिपोर्ट में जेई सुशील कुमार को दोषी पाया
गया, जिसके बाद अधीक्षण अभियंता ने तत्काल निलंबन की
कार्रवाई की।
निलंबन अवधि के दौरान जेई सुशील कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उन्हें विद्युत परीक्षण खंड-द्वितीय, गोरखपुर से संबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों को भी सख्त संदेश गया है।