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Thursday, 4th June, 2026
पिपराइच
रूरल न्यूज नेटवर्क। पिपराइच पुलिस
ने रमवापुर गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक विकास
विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नीतू विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला
दर्ज किया है। यह कार्रवाई गांव निवासी दिलीप कुमार की शिकायत पर की गई।
दिलीप कुमार ने अपनी शिकायत
में बताया कि 25 अक्टूबर को एफडी कराने के
बहाने उनके खाते से दो लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह, उनकी माता बासमती के एफडी के लिए उनके खाते से भी ढाई लाख
रुपये निकाले गए और उन्हें फर्जी बॉन्ड दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, 29 जनवरी, 2026 को आधार कार्ड
के माध्यम से 10 हजार रुपए की जगह 30 हजार रुपए की निकासी की गई। इसके अतिरिक्त, खाते में रुपये जमा करने के नाम पर कई बार में 1 लाख 44 हजार रुपये नकद
लिए गए और पासबुक पर चढ़ा दिए गए।
दिलीप कुमार ने यह भी बताया
कि उनके मामले का खुलासा होने पर पता चला कि आरोपियों ने दर्जनों अन्य लोगों के
साथ भी इसी तरह की जालसाजी और धोखाधड़ी की है। शिकायत करने पर आरोपी विवाद करने
लगते हैं। इस मामले में विवेचक और
साइबर इंचार्ज सचिन पाण्डेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर बीएनएस की
धारा 316/6, 318/4, तथा 61/2 के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश जारी है।
एफडी के बाद दिया फर्जी
प्रमाण पत्र
दिलीप कुमार ने अपने दी गयी
तहरीर मे बताया की 25 अक्टूबर को
एफडी कराने गए दिलीप के खाते से छल-कपट कर दो लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह, उनकी माता बासमती के एफडी के लिए उनके खाते से भी ढाई लाख
रुपये निकाले गए और उन्हें फर्जी बॉन्ड दे दिया गया।
केवाईसी के नाम पर लेता था
ग्राहकों का फिंगर प्रिंट
आरोपी विकास विश्वकर्मा और उसकी पत्नी नीतू विश्वकर्मा ग्राहकों से केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर उनका फिंगरप्रिंट लेते थे और बाद में खातों से पैसे निकाल लेते थे। जब ग्राहकों को इसकी जानकारी होती थी, तब दोनों 24 से 48 घंटे का समय मांगकर मामला टालने की कोशिश करते थे।