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Monday, 15th June, 2026
पिपरौली
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर मंडल
के उच्चाधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिपरौली का औचक
निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं पर संतोष
व्यक्त किया गया। शुक्रवार को
अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जयंत कुमार और अपर मुख्य
चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. ए.के. चौधरी ने सीएचसी पिपरौली का दौरा किया। यह
निरीक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के
उद्देश्य से किया गया था।
अधिकारियों के
अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि,
जांच के दौरान
अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और प्रबंधन पर
संतुष्टि जताई।
विभिन्न वार्डों का गहन अवलोकन
निरीक्षण के दौरान अपर
निदेशक और एसीएमओ ने अस्पताल के हर महत्वपूर्ण विभाग की बारीकी से जांच की।
अधिकारियों ने ओपीडी में मरीजों की संख्या और उनके उपचार की जानकारी ली, वहीं ओपीडी में
भर्ती मरीजों से बातचीत कर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके अलावा: प्रसव
कक्ष स्वच्छता और आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता जांची गई।
दवा वितरण
काउंटर स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि मरीजों को
बाहर से दवा न लिखनी पड़े। लैब एवं
ऑप्टोमेट्रिस्ट विभाग: जांच उपकरणों की कार्यक्षमता और लैब टेक्नीशियन की उपस्थिति
की जांच की गई।
व्यवस्थाओं पर संतोष और निर्देश
निरीक्षण के उपरांत मीडिया
से बात करते हुए अपर निदेशक डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि सीएचसी पिपरौली की
व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और संतोषजनक मिली हैं। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई और
स्टाफ की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा, "सीएचसी पिपरौली ग्रामीण
आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख आधार है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित
करना है कि शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। एसीएमओ डॉ. ए.के. चौधरी ने
कहा कि ऐसे औचक निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य स्टाफ की कार्यक्षमता को बढ़ाना और
कमियों को समय रहते दूर करना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को हिदायत दी कि वे
मरीजों के प्रति अधिक संवेदनशील रहें और व्यवहार में शालीनता बरतें।
स्टाफ की रही मौजूदगी
निरीक्षण के समय सीएचसी
अधीक्षक डॉ. शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ
मुस्तैद नजर आया। अधीक्षक ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों द्वारा
दिए गए सुझावों और निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय जनता को
बेहतर चिकित्सा अनुभव मिल सके।
इस निरीक्षण से न केवल अस्पताल की कमियों को सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल में भी वृद्धि देखी गई है।