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Wednesday, 1st April, 2026
सहजनवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गीडा थाना क्षेत्र में जमीन
धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जालसाजों ने एक ही प्लॉट को कई लोगों को
बेचकर लाखों रुपये की ठगी की है। इस संबंध में पुलिस ने एक कारोबारी सहित चार
लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने
फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। उन्होंने एक ही जमीन
को अलग-अलग खरीदारों को बेचा और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
यह मामला दो
अलग-अलग महिलाओं की तहरीर पर दर्ज किया गया है, जो इस धोखाधड़ी
की शिकार हुई हैं। पुलिस अब इस भू-माफिया नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही
है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पहली घटना
संतकबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र की है। मझौरा निवासी सावित्री देवी ने पुलिस को
बताया कि उन्होंने बड़गहन के एक जमीन कारोबारी से संपर्क कर जमीन का सौदा तय किया
था। उन्होंने कारोबारी को करीब 11.50 लाख रुपए दिए, जिसके बाद जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब बीती 4 मार्च को सावित्री देवी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचीं। वहां
पहले से ही एक व्यक्ति निर्माण कार्य करवा रहा था। जब सावित्री ने विरोध किया, तो उस व्यक्ति ने पहले से हुई रजिस्ट्री के कागजात दिखा
दिए।
ठगी का अहसास
होने पर जब पीड़िता ने विक्रेता से बात की, तो वह टालमटोल
करने लगा। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अभय कुमार पांडेय, मुंशी जनार्दन यादव और दस्तावेज लेखक सर्वदेव यादव के खिलाफ
केस दर्ज किया है।
28 लाख रुपए लेकर
बेची विवादित जमीन
जालसाजी का
दूसरा मामला बड़गहन निवासी प्रभा पांडेय के साथ हुआ। उन्होंने इसी क्षेत्र के
निवासी अभय कुमार पांडेय को जमीन के बदले 28 लाख रुपए दिए
थे। बैनामा होने के बाद जब वह 2 मार्च को जमीन
पर निर्माण कार्य कराने पहुंचीं, तो वहां भी
स्थिति वही मिली।
मौके पर मौजूद दूसरे पक्ष ने पुरानी रजिस्ट्री के दस्तावेज दिखाकर जमीन पर अपना हक जताया। इस मामले में भी आरोपी कारोबारी ने पीड़िता को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पुलिस ने प्रभा पांडेय की तहरीर पर अभय कुमार पांडेय और अधिवक्ता संतोष कुमार के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया है। गीडा पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ितों को विश्वास में लिया और कागजी हेरफेर कर पहले से बिकी हुई जमीन को दोबारा बेच दिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है।