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गोरखपुर / सहजनवा
09-Apr-2026 05:21 PM
बेबी सिंह बनीं यूपी महिला कुश्ती टीम की कोच, जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में करेंगी टीम का मार्गदर्शन
रूरल न्यूज नेटवर्क।उत्तर प्रदेश
के खेल जगत से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सहजनवां क्षेत्र के ग्राम
मुस्तफाबाद मलऊर की निवासी कुश्ती प्रशिक्षिका बेबी सिंह को यह जिम्मेदारी मिली
है।
उन्हें आगामी जूनियर नेशनल
कुश्ती चैंपियनशिप (अंडर-20) के लिए उत्तर
प्रदेश महिला कुश्ती टीम का कोच नियुक्त किया गया है।यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 10 से 12 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ के भिलाई (दुर्ग) में आयोजित होने जा रही है।
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कुश्ती संघ ने जताया भरोसा
उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के
सचिव सुरेश चंद उपाध्याय ने बेबी सिंह की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने
बताया कि बेबी सिंह के अनुभव और खेल के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए संघ ने
उन्हें प्रदेश की महिला टीम को दिशा-निर्देश देने की जिम्मेदारी सौंपी है। बेबी
सिंह, बृजेश सिंह की सुपुत्री हैं और लंबे समय से
कुश्ती के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सहजनवां में खुशी की लहर
बेबी सिंह की
इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव मुस्तफाबाद मलऊर सहित पूरे सहजनवां क्षेत्र में
उत्साह का माहौल है। खेल प्रेमियों का मानना है कि उनकी देखरेख में उत्तर प्रदेश
की महिला टीम राष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगाएगी। टीम के कोच के रूप में उनकी
नियुक्ति न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि क्षेत्र
की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
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शुभकामनाओं का तांता
बेबी सिंह की इस सफलता पर
क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्हें
बधाई देने वालों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
संदीप कुमार
ओम प्रकाश यादव
विवेक राय
जयवीर त्रिपाठी
मोहन कुमार
इन सभी ने विश्वास जताया
है कि बेबी सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की महिला पहलवान छत्तीसगढ़ की
धरती पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाएंगी।
लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता
जूनियर नेशनल कुश्ती
चैंपियनशिप देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जहाँ से भविष्य के ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के
खिलाड़ी निकलकर सामने आते हैं। बेबी सिंह के कंधों पर अब उत्तर प्रदेश की
सर्वश्रेष्ठ महिला पहलवानों को तराशने और उन्हें रणनीतिक रूप से तैयार करने की
बड़ी जिम्मेदारी है। उनकी इस नियुक्ति से यह साफ है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर
खेल प्रतिभाओं को पहचाना और सराहा जा रहा है।