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Wednesday, 1st April, 2026
सहजनवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गीडा सेक्टर 13 के औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक वुड प्लाई
फैक्ट्री में आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही
थीं। इसका काला धुआं कई किलोमीटर दूर से आसमान में साफ देखा जा सकता था। राहत और
बचाव कार्य जारी है।
सुबह की शिफ्ट के दौरान भड़की आग
प्रत्यक्षदर्शियों
के अनुसार, जब फैक्ट्री में कामकाज की
शुरुआत हो रही थी, तभी अचानक
परिसर के एक हिस्से से धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि कर्मचारी कुछ समझ पाते, आग ने पूरी यूनिट को अपनी आगोश में ले लिया। फैक्ट्री में
भारी मात्रा में रखी सूखी लकड़ी, केमिकल और
प्लाईवुड जैसे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैलती गई। सूचना मिलते ही
स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर
आग की गंभीरता
को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक दमकल की
गाड़ियां मौके पर तैनात की गई हैं। दमकल कर्मी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने
की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री
के अंदर रसायनों की मौजूदगी और भीषण गर्मी के कारण ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का
सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी न हो, इसके लिए आसपास
की अन्य इकाइयों से भी मदद ली जा रही है।
प्रशासन ने खाली कराया इलाका
एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन और पुलिस बल ने फैक्ट्री
के आसपास के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्र को खाली करा दिया है। गीडा के सेक्टर 13 की ओर जाने वाले रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई है ताकि
राहत कार्यों में कोई बाधा न आए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति
का जायजा लिया और प्राथमिकता के आधार पर जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के
निर्देश दिए हैं। राहत की बात यह
है कि अब तक इस हादसे में किसी के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं मिली है।
फैक्ट्री के अंदर फंसे सभी श्रमिकों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि, आग के कारण करोड़ों रुपये की मशीनरी और तैयार माल जलकर खाक
होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जांच के घेरे में आग लगने का कारण
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में पूरा ध्यान आग को पूरी तरह बुझाने और उसे पड़ोसी फैक्ट्रियों तक फैलने से रोकने पर है। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच और 'फायर ऑडिट' के बाद ही हो सकेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कूलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संपत्ति के वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन किया जा सकेगा।