गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
रेडियो
टीवी
आप यहाँ हैं :Home /
गोरखपुर /
सहजनवा
/ गोरखपुर में अभी करना पड़ेगा...
गोरखपुर में अभी करना पड़ेगा वंदे भारत का इंतजार, सहजनवा की जमीन हो चुकी खारिज, अब महुआपार में तलाश जारी
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर में
वंदे भारत ट्रेनों के लिए डिपो बनाने की योजना में अभी और देरी देखी जा सकती है।
लोगों को इसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सहजनवा में प्रस्ताव पहले ही
खारिज हो जाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन अब इसके लिए नई जगह की तलाश में
जुट गया है। क्योंकि अब तक जिन स्थानों पर जमीन देखी गई, वहां पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी।
भारतीय रेलवे के तहत
पूर्वोत्तर रेलवे ने पहले गोरखपुर और भटनी में जमीन खोजने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों जगह पर्याप्त भूमि नहीं मिल पाई। इसके बाद अब
निजी जमीन और राज्य सरकार की जमीन पर भी नजर डाली जा रही है।
सहजनवा में प्रस्ताव पहले
ही खारिज हो चुका है। अब अधिकारियों ने भीटी रावत के महुआपार इलाके में जमीन
चिह्नित की है। यहां रेलवे लाइन और हाईवे के बीच स्थित जमीन का सर्वे भी पूरा हो
चुका है। बताया जा रहा है कि यहां डिपो बनाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
200 करोड़ की लागत
का अनुमान
महुआपार में डिपो बनने की
संभावना मजबूत मानी जा रही है। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। हालांकि अभी निवेश और अंतिम
निर्णय को लेकर मंथन जारी है।
Image Source Here...
पहले भी कई जगहों पर हुई
जांच
रेलवे प्रशासन ने शुरुआत
में मानीराम, पीपीगंज और नकहा जंगल जैसे इलाकों में भी जमीन
देखी थी, लेकिन वहां जगह कम पड़ी। न्यू वाशिंग पिट में भी
योजना बनाई गई, लेकिन वहां भी पर्याप्त भूमि नहीं मिल सकी।रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे भारत डिपो
के लिए कम से कम एक किलोमीटर लंबी जमीन जरूरी होती है, खासकर वाशिंग पिट के लिए।
डिपो की जरूरत क्यों पड़ी
वंदे भारत एक्स्प्रेस
ट्रेनों के संचालन के लिए डिपो बहुत जरूरी होता है। यहां ट्रेनों की सफाई, धुलाई और मरम्मत का काम होता है।
फिलहाल गोरखपुर के न्यू
वाशिंग पिट में किसी तरह दो वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हो रहा है, जो गोरखपुर-लखनऊ-प्रयागराज और गोरखपुर-पाटलिपुत्र रूट पर
चलती हैं। तीसरी ट्रेन (गोरखपुर-आगरा) के लिए जगह की कमी के कारण कोचिंग डिपो ने
हाथ खड़े कर दिए हैं।
भविष्य की बड़ी योजना
रेलवे प्रशासन आने वाले
समय में गोरखपुर से दिल्ली, आगरा और बनारस जैसे प्रमुख शहरों के लिए और वंदे भारत
ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू की
जानी हैं।7 जुलाई 2023 को पीएम नरेंद्र मोदी ने
गोरखपुर जंक्शन से पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से इस
क्षेत्र में ऐसी ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी जारी है।
Share On :
×
12:56
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में CM योगी 3 दिन विशेष अनुष्ठान करेंगे:कल महानिशा पूजा-हवन करेंगे, विजयादशमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे
गोरखपुर : पंडालों में खुले पट: सिविल लाइन्स और बेतियाहाता में 21 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण
गोरखपुर : रामगढ़ताल में कूदी महिला, दो राहगीरों ने बचाई जान
गोरखपुर : साइबर थाने को मिला नया भवन, एडीजी ने किया उद्घाटन
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किया बाबा गोरक्षनाथ जी और गुरु महंत अवैद्यनाथ जी के दर्शन।